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पहले विज्ञापन तक नहीं मिल रहे थे, बाद में शाहरुख खान के साथ किया बॉलीवुड डेब्यू, जानें- अनुष्का शर्मा के संघर्ष की कहानी

अनुष्का को 2008 में आई रब ने बना दी जोड़ी की बजाए अनुष्का 2010 में आई बैंड बाजा बारात को अपनी पहचान की वजह मानती हैं।
Author नई दिल्ली | July 12, 2017 18:38 pm
बॉलीवुड स्टार अनुष्का शर्मा और सूरज शर्मा स्टारर फिल्म फिल्लौरी 24 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है।

वर्तमान समय में बॉलीवुड की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों और प्रोड्यूसर्स में गिनी जानी वालीं अनुष्का शर्मा से 13 साल की उम्र में ही मॉडलिंग की दुनिया में कदम रख दिया था। अनुष्का के पिता एक आर्मी पर्सन थे और उनके भीतर का कॉन्फिडेंस और जिद उन्हें अपने पिता से ही मिली थी। वह काफी कम उम्र में ही मायानगरी मुंबई में आ गई थीं और अपने फ्यूचर के लिए टफ कॉम्पटीशन में उतर गई थीं। अनुष्का को अपने शुरुआती दिनों में कई बार सलेक्ट करके रिजेक्ट किया गया। वह कई बार अलग-अलग विज्ञापन के लिए शॉर्टलिस्ट की जाती थीं और फिर उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता। कई बार हुए इस सलेक्शन-रिजेक्शन के प्रोसेस के बाद अनुष्का बहुत चिड़चिड़ी हो चुकी थीं।

इस सबके बाद अनुष्का को उनकी जिंदगी का पहला बड़ा मौका तब मिला जब फिल्म बैंड बाजा बारात के मेकर मनीष ने एक फोटोशूट के दौरान उन्हें आदित्य चोपड़ा से मिलने को कहा। जब वह यश राज फिल्म्स के दफ्तर के बाहर पहुंच कर आदित्य से मिलीं तो उन्हें शाहरुख खान की फिल्म रब ने बना दी जोड़ी में लीड फीमेल एक्ट्रेस का रोल ऑफर किया गया। अनुष्का इस वाकए के बाद इस बात पर यकीन करने लगीं कि जिंदगी में सब कुछ अच्छे के लिए होता है। क्योंकि आदित्य अपनी इस फिल्म के लिए एक दम नए चेहरे की तलाश में थे और यदि उन्हें उससे पहले कई सारे विज्ञापन मिल चुके होते जिसके लिए रिजेक्ट होने पर वह परेशान हुआ करती थीं तो आदित्य ने उन्हें साइन नहीं किया होता।

अनुष्का शर्मा की फिल्म रब ने बना दी जोड़ी में लोगों को अनुष्का शर्मा की परफॉर्मेंस बहुत पसंद आई लेकिन इसके विपरीत अनुष्का का कभी भी कोई फेवरेट एक्टर या एक्ट्रेस नहीं थी। उन्हें सिर्फ परफॉर्मेंस पसंद आया करती थीं, इसी बता को लेकर कई बार शूटिंग के दौरान शाहरुख अनुष्का की टांग भी खींचा करते थे। इसी फिल्म के प्रमोशन के दौरान शाहरुख खान ने अपना अनुभव मीडिया के सामने शेयर किया था कि किस तरह जब वह इंडस्ट्री में आए थे तब उनका कोई गॉडफादर या फेवरेट एक्टर नहीं था।

अनुष्का को 2008 में आई रब ने बना दी जोड़ी की बजाए अनुष्का 2010 में आई बैंड बाजा बारात को अपनी पहचान की वजह मानती हैं। बैंड बाजा बारात में वह जब खुद थिएटर में फिल्म देखर कर उठीं तो सभी तारीफ कर रहे थे लेकिन अनुष्का को ऐसा नहीं लगा कि उन्होंने कुछ भी बड़ा नहीं किया था। हालांकि उन्हें इस बात का अंदाजा जरूर हो गया था कि अब उनकी किस्मत का सिक्का चल पड़ा है। अनुष्का इस फिल्म की कामयाबी का जश्न मना ही रही थीं कि उन्हें एक बड़ा धक्का लगा मीडिया में आ रही अनुष्का शर्मा और रणवीर कपूर के अफेयर की अफवाहों से। अनुष्का की अगली दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर मुंह के बल गिरी और उनका कॉन्फिडेंस थोड़ा डगमगाया।

अनुष्का ने कभी भी नंबर सिस्टम पर ध्यान नहीं दिया। अनुष्का कभी भी नंबर वन के पीछे नहीं भागतीं। उनका मानना है कि हमें सिर्फ अपने काम को रिस्पेक्ट करना चाहिए। बॉलीवुड में जब उन्हें राजकुमार हिरानी निर्देशित फिल्म पीके ऑफर की गई तो वह इतना ज्यादा खुश थीं कि उन्होंने नीचे जाकर अपनी गाड़ी में डांस किया और अपने ड्राइवर को हाई-फाइव दिया। अनुष्का का मानना है कि वह अपनी जिंदगी में ऐसा कुछ भी नहीं करेंगी जो उन्हें सही नहीं लगेगा। वह कामयाबी की दौड़ में इस तरह कभी नहीं दौड़ेंगी कि दूसरे के सही को अपना सही मान लें। वह हर एक्टर और हर फिल्ममेकर के काम की कद्र करती हैं और यही है जो उन्हें इंडस्ट्री में इज्जत दिलाता है।

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