मां के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दर्द नहीं होता। भजन, भक्ति और बॉलीवुड की दुनिया में संगीत की दुनिया में अपनी आवाज से करोड़ों लोगों को सुकून देने वाली अनुराधा पौडवाल भी जिंदगी के ऐसे ही एक गहरे जख्म से गुजरी थीं। भजन रानी कही जाने वाली गायिका अनुराधा पौडवाल ने अपने जीवन में कई करीबी लोगों को जाते देखा। उनमें से एक उनकी बेटी भी थी। ये एक ऐसा पल था जब वह संगीत छोड़ने का मन बना चुकी थीं। 1973 में अमिताभ बच्चन की फिल्म अभिमान से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली सिंगर की लाइफ काफी मुश्किल रही है।

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हाल ही में उनका एक इंटरव्यू सामने आया जिसमें उन्होंने अपने सबसे कठिन समय के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि सिर्फ 25 दिन की मासूम बेटी की मौत ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया था। इस दर्दनाक किस्से को याद कर सिंगर ने शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत की। हालांकि उन्होंने इस इंटरव्यू में कई किस्सों पर अपनी राय रखी।

सिंगर से पूछा गया कि उनकी लाइफ का सबसे बड़ा ब्रेकडाउन का पल कौन सा था जब वो सबसे कमजोर पड़ गईं। इस पर जवाब में अनुराधा ने कहा ‘जब मैंने अपनी पहली बेटी को खोया, वो सिर्फ 25 दिन की थी। ये वो समय था जब मैंने गिव अप करने का सोच लिया था। मैं म्यूजिक को छोड़ने का फैसला कर चुकी थी। उसके बाद फिर मैं दक्षिणेश्वर में काली के मंदिर गई।’ ये बात शायद ही कोई जानता हो कि सिंगर की सबसे पहली एक बेटी थी जो सिर्फ 25 दिनों में इस दुनिया को छोड़कर चली गई थी। यहां इस बातचीत में अनुराधा ने इस बारे में पहली बार बात की।

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उसके बाद उन्होंने वहां एक मन्नत मांगी और वो पूरी भी हुई। जानकारी के लिए बता दें कि सिंगर के अपनी बेटी को खोने के बाद 2 बच्चे और थे लेकिन उन पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब 35 साल की उम्र में उनका जवान बेटा भी इस दुनिया को छोड़कर चला गया। वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और 2020 में उनका निधन हो गया। अब उनके परिवार में बस उनकी एक बेटी और उनके 2 बच्चें हैं।

साल 1991 में उनके पति की भी मौत हो गई थी। इस इंटरव्यू में अनुराधा ने बताया कि जब आशिकी फिल्म में उन्होंने शानदार गाने गाए और उन्हें वो गाने अपने घर के बाहर या कही सुनने मिलते थे तो उन्हें खुशी नहीं होती थी, क्योंकि ये वही समय था जब उनके पति की काफी तबीयत खराब रहती थी। उन्होंने टी-सीरीज के साथ काफी शानदार गानों में अपनी आवाज दी।

एक समय पर उन्होंने ये फैसला भी किया कि वह सिर्फ टी-सीरीज के ही गाने गाएंगी। कमाल बात ये कि उन्होंने सिर्फ हिंदू भजन ही नहीं बल्कि बाकी समुदायों और धर्मों के भजन भी गाए, लेकिन उन्हें खुद नहीं याद वह कितने गानों में अपनी आवाज दे चुकीं हैं। कहा जाता है कि उन्हें एक समय पर लता मंगेशकर से कंपेयर किया जाता था। इस इंटरव्यू उन्होंने साफ किया कि लता जी उनकी गुरु थी, वह उन्हें अपना गुरु मानती थीं।