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‘अनारकली ऑफ आरा’ स्टार स्वरा भास्कर ने रामजस मामले पर कहा- हिंसा करना किसी भी तरह जायज नहीं

स्वरा ने कहा कि हिंसा का सहारा लेने की बजाय लोगों को मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी चाहिए।

Author नई दिल्ली | February 28, 2017 6:54 PM
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने रामजस कालेज घटना की निंदा करते हुए कहा है कि हिंसा को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने रामजस कालेज घटना की निंदा करते हुए कहा है कि हिंसा को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। गत सप्ताह दिल्ली विश्वविद्यालय का रामजस कालेज संघर्षस्थल में तब्दील हो गया था जब वाम सम्बद्ध आइसा और आरएसएस समर्थित एबीवीपी के छात्रों के बीच झड़प हो गई थी जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। झड़प जेएनयू छात्रों उमर खालिद और शेहला राशिद को ‘कल्चर आफ प्रोटेस्ट्स’ विषयक एक सेमिनार में बोलने के लिए आमंत्रित करने को लेकर शुरू हुई थी। एबीवीपी के विरोध के बाद सेमिनार रद्द कर दिया गया था।

स्वरा ने कहा कि हिंसा का सहारा लेने की बजाय लोगों को मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू की एक छात्रा होने के तौर पर मैं यह कहना चाहूंगी कि हिंसा को किसी भी संदर्भ में जायज नहीं ठहराया जा सकता। आप उसे बाद में राष्ट्रवाद या और कुछ और कह सकते हैं लेकिन हिंसा गलत है। यदि बहस है उसे बातचीत के जरिये सुलझाया जाना चाहिए।’’

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दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के उत्‍तरी कैंपस में बुधवार (22 फरवरी) को हुए हिंसक प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शन के दौरान कश्‍मीर की आजादी के नारे लगाए गए। वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘स्‍टूडेंट्स की आजादी’ और ‘कश्‍मीर की आजादी’ के नारे लगाते दिख रहे हैं। एक पत्रकार ने यह वीडियो ट्वीट किया है, जिसके राजमस कॉलेज के भीतर हुए प्रदर्शन की क्लिप होने का दावा किया गया है। इसमें प्रदर्शनकारी नारा लगाते हैं, ”हम क्‍या चाहते आजादी, कश्‍मीर मांगे आजादी”।

बुधवार को हुई हिंसा में एक प्रोफेसर, 10 पुलिसकर्मी और कई पत्रकार समेत कम से कम 30 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। दरअसल रामजस कॉलेज के एक कार्यक्रम में जेएनयू के उमर खालिद और शहला राशीद को बुलाने का एबीवीपी ने विरोध किया था। जिसके बाद बुधवार को एसएफआइ, आइसा समेत विभिन्न छात्र दलों ने विरोध मार्च निकाला, इसी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई और मामला हिंसक हो गया।

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