एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के सीन पर दिए बयान को लेकर विवाद जारी है। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की पत्नी और गायिका अमृता फड़नवीस ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के लिए उसका स्वाभिमान बेहद महत्वपूर्ण होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इतिहास की परिस्थितियों की तुलना आज के दौर से नहीं की जा सकती।
अमृता फडणवीस ने कहा कि जिस समय जौहर की घटनाएं हुईं, उस दौर में आज जैसी कानूनी और सामाजिक व्यवस्था मौजूद नहीं थी। उनके मुताबिक, उस समय न अदालत थी, न पुलिस और न ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए आज जैसे कानून थे। ऐसे हालात में रानी पद्मावती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए अग्नि को समर्पित होने का कठिन और महान त्याग चुना।
उन्होंने कहा कि उस समय की परिस्थितियों को आज के नजरिए से देखना सही नहीं होगा। आज महिलाओं के पास कानून, पुलिस और समाज का सहारा है। ऐसे में इतिहास की उन घटनाओं की तुलना मौजूदा दौर से करना उचित नहीं है।
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स्वरा भास्कर के बयान पर क्यों शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, स्वरा भास्कर ने हाल ही में दिल्ली के एक कार्यक्रम में ‘पद्मावत’ के क्लाइमैक्स में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि इस सीन को देखकर उनके मन में यह सवाल आया कि अगर कोई महिला यौन हिंसा से बच जाती है, तो क्या उसे अपने जिंदा रहने पर शर्म महसूस करनी चाहिए। स्वरा ने इस तरह के चित्रण को समस्याग्रस्त बताया था।
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स्वरा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई। हालांकि, बाद में एक्ट्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कभी ‘कायर’ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और वह सिर्फ फिल्म में दिखाए गए दृश्य के संदेश पर सवाल उठा रही थीं।
