‘विवाह’ के लिए 4 घंटे तक चला था अमृता राव का इंटरव्यू, पढ़वाई गई थी प्रेमचंद की किताब; जानें फिर क्या हुआ

ये फिल्म हर तरह से ‘बड़जातिया स्टाइल’ आइकॉनिक फिल्म थी। इस फिल्म की कास्ट का चुनाव भी बहुत ध्यान से किया गया था। फिल्म में अमृता का रोल केंद्र में था। ऐसे में ‘पूनम’ किरदार को निभाने के लिए मेकर्स ने उन्हें खास जिम्मेदारी सौंपी थी।

Amrita Rao,Sooraj Barjatya, Sooraj Barjatya Took Amrita Rao
अमृता राव और शाहिद कपूर फिल्म विवाह के एक सीन में

‘बड़जातिया’ के राजश्री प्रोडक्शन बैनर की शानदार फिल्म ‘विवाह’ ने दर्शकों का दिल खूब जीता था। साल 2006 में आई अमृता राव और शाहिद कपूर स्टारर ‘विवाह’ देखने के लिए उस वक्त सिनेमाघरों के आगे फैंस की लंबी कतार लगी हुई थी। ये फिल्म हर तरह से ‘बड़जातिया स्टाइल’ आइकॉनिक फिल्म थी। इस फिल्म की कास्ट का चुनाव भी बहुत ध्यान से किया गया था। फिल्म में अमृता का रोल केंद्र में था। ऐसे में ‘पूनम’ किरदार को निभाने के लिए मेकर्स ने उन्हें खास जिम्मेदारी सौंपी थी।

दरअसल, पूनम कैरेक्टर के लिए अमृता का चुनाव किया ही इसलिए गया था क्योंकि उन्हें एक्ट्रेस में ‘पूनम’ नजर आ रही थी। इस रोल को पाने के लिए अमृता को मुश्किल इंटरव्यू से गुजरना पड़ा था। उस वक्त सूरज बड़जातिया ने अमृता राव का करीब 4 घंटे इंटरव्यू लिया था वहीं उनसे हिंदी की किताब पढ़वाई गई थी। इस बारे में खुद एक्ट्रेस अमृता राव ने खुलासा किया था।

अमृता ने बताया था कि कैसे उनकी झोली में ये फिल्म आ गिरी थी। अमृता ने बताया कि वह एक दिन न्यूज पेपर पढ़ रही थीं उसमें एक आर्टिकल आया था जिसमें सूरज बड़जातिया और उनकी अपकमिंग फिल्म ‘विवाह’ का जिक्र था। तब उन्होंने अपने मैनेजर को फोन घुमाया और कहा कि क्या हमें इस प्रोडक्शन हाउस को इस रोल के लिए अप्रोच करना चाहिए?

ऐसे में अमृता के मैनेजर ने स्माइल कर कहा कि प्रोडक्शन से ऑलरेडी बात चल रही है। अमृता ने बताया था कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटी उम्र में की थी ऐसे में उनकी मां और मैनेजर ही सब कुछ संभाला करते थे।

अमृता ने आगे बताया था कि इसके बाद वह दिल्ली चली गई थीं और वहां से उनका आगरा का प्लान बन गया था। जब वह आगरा जा रहे थे तब किसी ने उन्हें कहा कि आगरा जा रहे हैं तो वृंदावन-मथुरा भी हो आइए। अमृता ने बताया था कि ‘उस वक्त मैंने मथुरा-वृंदावन के बारे में नहीं सोचा था।’

अमृता ने अपने यूट्यूब चैनल में आगे बताया था- ‘जब हम वापस दिल्ली आए तो मैं लोधी गार्डन में थी। वहीं सूरज जी का फोन आया और उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने मुझे फिल्म के लिए सेलेक्ट कर लिया है। आप देख लीजिए और बताइए कि आप हमारे साथ काम करना चाहती हैं या नहीं। ये उनका बढ़प्पन था।’

अमृता ने आगे बताया- ‘इस दौरान मैंने उन्हें बताया कि मैं इस वक्त दिल्ली में हूं और मथुरा-वृंदावन भी गई थी। तब उन्होंने कहा था अरे वाह हमारी ‘पूनम’ भी मथुरा से है। ये सुनते ही मैं हैरान रह गई थी। वो सब कुछ मुझे ईश्वर के आशीर्वाद के रूप में मिला। इसके बाद जब मैं सूरज जी से मिली तो उन्होंने मुझसे 4 घंटे तक बातचीत की। फिर मुझसे प्रेमचंद की किताब भी पढ़वाई गई। उन्हें मेरी हिंदी पसंद आई, बोलने का अंदाज अच्छा लगा और फिर सब फाइनल हो गया।’

पढें मनोरंजन समाचार (Entertainment News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट