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जब मांग में सिंदूर लगा ऋषि कपूर के रिसेप्शन में पहुंच गईं रेखा, करने लगीं अमिताभ से बात, रो पड़ी थीं जया बच्चन

पार्टी पूरे शबाब पर थी। अचानक रेखा की एंट्री हुई। सभी की निगाहें रेखा पर टिक गईं। सफेद साड़ी पहनी रेखा ने लाल रंग की बिंदी लगाई थी और उनकी मांग में सिंदूर चमक रहा था और...

Rekha, Amitabh bachchan, Rekha-Amitabhरेखा (बाएं) और अमिताभ बच्चन अपनी पत्नी जया बच्चन के साथ।

बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा (Rekha) ने अपनी फिल्मों के जरिए जितनी सुर्खियां बटोरीं उससे कहीं ज्यादा उनकी निजी जिंदगी चर्चा में रही। कभी रेखा की मां पुष्पावल्ली और उनके पिता जेमिनी गणेशन के संबंधों को लेकर सवाल किये गए तो कभी खुद रेखा की निजी जिंदगी और रिलेशनशिप की खबरें सुर्खियां बनीं। अलग-अलग वक्त में रेखा का नाम अलग-अलग अभिनेताओं से जुड़ा। इस फेहरिस्त में विनोद मेहरा, जितेंद्र, धर्मेंद्र, सुनील दत्त और अमिताभ आदि शामिल रहे। हालांकि इन रिश्तों को कभी कोई मुकम्मल नाम नहीं मिला।

रेखा ने निजी जिंदगी में भले ही तमाम झटके खाए हों लेकिन कभी उन्होंने इन मुश्किलों को अपने ऊपर हावी नहीं होना दिया। वे उसी बिंदास और अल्हड़पन से जिंदगी जीती रहीं, जो उनकी पहचान थी। ऐसा ही एक मौका आया 22 जनवरी 1980 को। राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर और नीतू कपूर के रिसेप्शन के लिए आरके स्टूडियो दुल्हन की तरह सजाया गया था। मेहमानों में बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से लेकर नेता और तमाम बिजनेसमैन तक शामिल थे। अमिताभ बच्चन भी सपरिवार इनवाइट थे।

सिंदूर लगा पार्टी में पहुंचीं रेखा: पार्टी पूरे शबाब पर थी। अचानक रेखा की एंट्री हुई। सभी की निगाहें रेखा पर टिक गईं। सफेद साड़ी पहनी रेखा ने लाल रंग की बिंदी लगाई थी और उनकी मांग में सिंदूर चमक रहा था। पार्टी में कानाफूसी शुरू हो गई। लोग बात करने लगे कि क्या रेखा ने शादी कर ली है? उस शाम पार्टी में अमिताभ एक किनारे मनमोहन देसाई से बातचीत कर रहे थे और जया बच्चन अपनी सास तेजी बच्चन के साथ बैठी हुई थीं।

छलक पड़ी थीं जया की आंखें: रेखा मेहमानों से मिलीं और चंद मिनट बाद स्नेहलता पांडे का हाथ थामा और सीधे वहां पहुंच गईं जहां अमिताभ खड़े थे। सबकी निगाहें उन दोनों पर टिक गईं। रेखा की जीवनी ‘रेखा: कैसी पहेली जिंदगानी’ में लेखक और वरिष्ठ पत्रकार यासिर उस्मान स्टारडस्ट की एक रिपोर्ट के हवाले से लिखते हैं कि रेखा अमिताभ से बातचीत करती रहीं। इधर, जया ने काफी देर तक तो अपने चेहरे पर कोई इमोशन जाहिर नहीं होने दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद उनका चेहरा झुक गया और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।

बाद में इस घटना पर बात करते हुए रेखा ने कहा था कि उस शाम वह सीधे एक शूटिंग से उस पार्टी में शामिल होने पहुंची थीं। उस शूटिंग में उनका किरदार सिंदूर और मंगलसूत्र में था और जल्दबाजी में वह उसे हटाना भूल गई थीं। जिस हालत में थीं, वैसे ही पार्टी में पहुंच गई थीं।

जिस शहर से हूं वहां सिंदूर…: साल 1981 में आई मुजफ्फर अली की फिल्म उमराव जान के लिए रेखा को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना था। मंच पर तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी भी मौजूद थे। उन्होंने अचानक रेखा से पूछ लिया आप अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगाए हुए हैं? इस सवाल पर एक पल को खामोशी छा गई। रेखा ने माइक लिया और राष्ट्रपति के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘मैं जिस शहर से आई हूं वहां सिंदूर लगाना फैशनेबल माना जाता है…।’

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