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देश ही नहीं विदेशों में भी लोकप्रिय हैं अमिताभ बच्चन के हमशक्ल शशिकांत पेडवाल, बिग बी के इस डायलॉग की खूब होती है फरमाइश

शशिकांत पेडवाल ने बताया था कि उन्हें अक्सर कैंसर के मरीजों से मिलने के लिए बुलाया जाता है। मैं उन जगह जाता भी हूं ताकि लोगों के चेहरे पर मुझे अमिताभ समझकर खुशी आ जाए।

लोनावला में डीजल मैकेनिक्स पढ़ाने वाले शशिकांत पेडवाल बिल्कुल अमिताभ बच्चन जैसे दिखते हैं।

आज सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्मदिन है। बॉलीवुड और देशभर से लोग अमिताभ बच्चन को बधाइयां दे रहे हैं। पर बहुत कम लोग जानते हैं कि महाराष्ट्र के पुणे में अमिताभ बच्चन के एक हमशक्ल भी हैं। इंडियन ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (आईटीआई) लोनावला में डीजल मैकेनिक्स पढ़ाने वाले शशिकांत पेडवाल बिल्कुल अमिताभ बच्चन जैसे दिखते हैं।

शशिकांत पेडवाल सिर्फ अमिताभ बच्चन के हमशक्ल ही नहीं है बल्कि उनकी आवाज भी अमिताभ बच्चन से मिलती है। इसी कारण से शशिकांत पेडवाल अमिताभ बच्चन की मिमिक्री भी करते हैं। आईटीआई लोनावला में पढ़ाने के अलावा कार्यक्रमों में अमिताभ बच्चन की मिमिक्री करने से शशिकांत पेडवाल को कमाई होती है ।

शशिकांत पेडवाल ने अमिताभ बच्चन की मिमिक्री की शुरुआत ऑर्केस्ट्रा शो से की थी। लोग शशिकांत पेडवाल की आवाज में अमिताभ बच्चन के दीवार फिल्म के मशहूर डायलॉग ‘मेरे पास मां है’ की मिमिक्री को बहुत पसंद करते हैं। शशिकांत पेडवाल अमिताभ बच्चन की मिमिक्री के अबतक 1200 ज्यादा शो कर चुके हैं। पेडवाल देश ही नहीं न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, मॉरीशस में भी विदेश में भी अमिताभ बच्चन की मिमिक्री कर चुके हैं।

शशिकांत पेडवाल के फेमस होने का एक कारण यह भी है कि अमिताभ बच्चन जैसा दिखने और ऐसी आवाज होने के साथ-साथ शशिकांत पेडवाल मिमिक्री के दौरान अमिताभ बच्चन जैसा व्यवहार भी करते हैं। इतना ही नहीं शशिकांत पेडवाल दो बार अमिताभ बच्चन से मिल भी चुके हैं।

देखने के लिए जुट जाती है भारी भीड़: कई बार शादी और अन्य कार्यक्रमों में घोषणा होती है कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आने वाले हैं तो लोगों की भीड़ शशिकांत पेडवाल को देखने के लिए जुट जाती है। एक घटना को याद करते हुए शशीकांत पेडवाल ने बताया था कि एक कार्यक्रम में लगभग 20 हजार लोग अमिताभ बच्चन का नाम सुनकर जुट गए। उस समय मुझे लोगों के बीच से बॉडीगार्ड्स को साथ लेकर निकलना पड़ा था।

कैंसर मरीजों से भी अमिताभ बनकर मिलते हैंः शशिकांत पेडवाल ने बताया था कि उन्हें अक्सर कैंसर के मरीजों से मिलने के लिए बुलाया जाता है। मैं उन जगह जाता भी हूं ताकि लोगों के चेहरे पर मुझे अमिताभ समझकर खुशी आ जाए। अगर लोगों को पता लग जाता है कि मैं असली अमिताभ नहीं हूं तब भी वह मुझे बहुत प्यार देते हैं। शशिकांत ने आगे कहा था कि मैं ऐसे सामाजिक कामों के लिए कभी रुपए नहीं लेता ।

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