निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ भारतीय सिनेमा के इतिहास की एक मील का पत्थर साबित हुई और इससे जुड़ी लगभग हर कला के इतिहास को नई दिशा मिली। लेकिन एक्टर अमीन हाजी की कहानी कुछ अलग रही। अमीन आज भी मानते हैं कि आमिर खान की इस फिल्म ने उन्हें बरबाद कर दिया था।
हालांकि उनका मतलब यह नहीं है कि इस एंटरटेनमेंट स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि उनका कहना है कि ‘लगान’ ने अपने अभिनय के स्तर को ऊंचा कर दिया। उनका कहना है कि उनका किरदार ‘बाघा’ इतना दमदार था कि उसके बाद उन्हें वैसा कोई रोल कभी नहीं मिला।
पीटीआई से बातचीत में अमीन हाजी ने कहा, “सच तो यह है कि लगान ने मुझे बर्बाद कर दिया।” उन्होंने बताया कि फिल्म के बाद उन्हें कई ऑफर मिले, लेकिन न तो स्क्रिप्ट और न ही उनके किरदार लगान के आसपास भी पहुंच सके। इसी वजह से उनका अभिनय में मन नहीं लगा और उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स ठुकरा दिए।
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अमीन ने कहा कि वह अपनी बनाई हुई पहचान को खराब नहीं करना चाहते थे। उन्होंने खुद को महान अभिनेता मानने से भी इनकार किया और कहा कि लगान में उनका अच्छा प्रदर्शन फिल्म की बेहतरीन स्क्रिप्ट, निर्देशक और पूरी टीम की वजह से संभव हो पाया। उन्हें डर था कि दूसरी फिल्मों में उनकी सीमाएं सामने आ जाएंगी।
इसी दौरान निर्देशक आशुतोष गोविरकर ने उन्हें अभिनय छोड़कर लेखन की ओर आने का सुझाव दिया। उन्होंने अमीन को स्वदेस (उस समय फिल्म का नाम देश था) की कहानी लिखने में साथ काम करने का प्रस्ताव दिया। अमीन को पहले इस पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्म के सह-लेखक के रूप में काम किया।
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अमीन ने बताया कि लगान की वजह से ही उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। अभिनय से आगे बढ़कर वह लेखक बने और बाद में उन्होंने 2021 में फिल्म ‘कोई जाने ना’ का निर्देशन भी किया। उनके अनुसार, लगान उनके लिए किसी विश्वविद्यालय से कम नहीं थी, जिसने उन्हें सिनेमा की गहरी समझ दी। बता दें कि अमीन हाजी ने स्वदेस के अलावा हॉन्टेड 3डी और डेंजरस इश्क जैसी फिल्मों के लेखन में भी योगदान दिया है।
