महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रही कार्रवाई के बीच फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने मुंबई के फिल्म और टीवी सेट्स पर रोजाना काम करने वाले कर्मचारियों को दिए जाने वाले खाने और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताई है।

11 अगस्त को महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को भेजे गए पत्र में FWICE ने फिल्म सिटी, गोरेगांव समेत मुंबई के प्रमुख शूटिंग स्थलों पर तकनीशियनों और अन्य ग्राउंड-लेवल क्रू की स्थिति का मुद्दा उठाया। फेडरेशन ने कहा कि लंबे समय तक सेट पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षित भोजन और बेहतर सुविधाएं बेहद जरूरी हैं।

FWICE के महासचिव अशोक दुबे ने पत्र में आरोप लगाया कि शूटिंग के दौरान कई फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर्स द्वारा कर्मचारियों को खराब गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा है।

पत्र में कहा गया, “कई वर्षों से FWICE को अपने संबद्ध यूनियनों और सदस्यों से शूटिंग के दौरान परोसे जाने वाले खाने की बेहद खराब, अस्वच्छ और घटिया गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।”

फेडरेशन का कहना है कि समस्या केवल खाने के स्वाद या गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बार ऐसा भोजन परोसा जाता है जो कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। FWICE के मुताबिक, शूटिंग लोकेशन पर मिलने वाला खाना कई बार बासी, ठीक से न पका हुआ, पोषण की दृष्टि से अपर्याप्त और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जाता है।

फेडरेशन ने कहा कि कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों को कई-कई घंटे शारीरिक रूप से कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में खराब भोजन उनकी सेहत और सुरक्षा पर गंभीर असर डाल सकता है।

पहले भी उठाया गया मुद्दा

FWICE ने दावा किया कि इस समस्या को पहले भी श्रम विभाग और अन्य संबंधित सरकारी अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

फेडरेशन के अनुसार, इसके चलते बड़ी संख्या में कर्मचारी, तकनीशियन और कलाकार अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।

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कई सेट्स पर खाने के लिए अलग जगह तक नहीं

FWICE ने शूटिंग लोकेशन पर खाने के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। फेडरेशन के मुताबिक, कई जगहों पर कर्मचारियों को धूल, गर्मी, बारिश और अस्वच्छ वातावरण के बीच खुले में खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

कई शूटिंग स्थलों पर अलग डाइनिंग एरिया, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, साफ पीने का पानी और उचित सैनिटेशन सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया गया है। फेडरेशन ने इन परिस्थितियों को किसी भी संगठित कार्यस्थल के लिए अस्वीकार्य बताया है।

FDA से औचक निरीक्षण की मांग

FWICE ने महाराष्ट्र FDA से मुंबई के अलग-अलग प्रोडक्शन और शूटिंग लोकेशन पर औचक निरीक्षण करने की मांग की है। फेडरेशन ने खाद्य पदार्थों के भंडारण, तैयारी और कर्मचारियों तक उनकी आपूर्ति की जांच करने की अपील की है।

साथ ही, शूटिंग सेट्स पर होने वाली कैटरिंग व्यवस्था को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत जांचने की मांग भी की गई है।

FWICE ने कहा कि मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले मजदूर, तकनीशियन और कलाकार इस इंडस्ट्री की रीढ़ हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित और स्वच्छ भोजन तथा सम्मानजनक तरीके से खाना खाने जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

यह शिकायत ऐसे समय में सामने आई है जब हिंदी फिल्म और स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री में काम करने की परिस्थितियों को लेकर चर्चा तेज है। लंबे काम के घंटे, भुगतान से जुड़े विवाद और श्रम संबंधी मुद्दों ने कैमरे के पीछे काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति पर भी ध्यान खींचा है।