बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। अब हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा किस्सा सुनाया है। ‘खिलाड़ी कुमार’ ने बताया कि कैसे जन्म के कुछ सालों बाद उनके माता-पिता उन्हें लगभग खोने ही वाले थे। दरअसल, अक्षय कुमार ने एचटी सिटी से बातचीत में बताया कि उनका जन्म उनके माता-पिता की एक खास मन्नत के बाद हुआ था।

उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता वैष्णों देवी टेम्पल गए थे और भगवान से एक बच्चे की प्रार्थना की थी। उन्होंने खास तौर पर कहा था कि हमें बच्चा दीजिए, लेकिन वह शरारती हो और एक साल बाद मेरा जन्म हुआ।” अक्षय के माता-पिता ने उनके पहले जन्मदिन के बाद भगवान का धन्यवाद करने के लिए वैष्णों देवी मंदिर जाने का फैसला किया, लेकिन यात्रा के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए।

भूत बंगला‘ अभिनेता ने बताया, “मेरे माता-पिता मुझे साथ ले गए थे, लेकिन रास्ते में मेरी तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई। मुझे तेज बुखार हो गया- पहले 103 डिग्री, फिर 104 डिग्री और मैं बेहोश हो गया। कटरा के डॉक्टर ने सलाह दी कि मुझे दिल्ली ले जाएं। यह साल 1969 की बात है, उस समय कटरा में सही इलाज की सुविधा नहीं थी।”

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अक्षय कुमार ने सुनाया किस्सा

इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद अक्षय की मां का विश्वास अडिग रहा। उनका मानना था कि अगर माता रानी ने हमें बेटा दिया है, तो अगर वह चाहेंगी तो उसे वापस भी ले सकती हैं। लेकिन हम वापस नहीं लौटेंगे, हम अपनी यात्रा मंदिर तक पूरी करेंगे। अक्षय कुमार के माता-पिता ने अपनी चढ़ाई जारी रखी और ऊपर चढ़ते हुए वे जय माता दी का जाप किया।

अक्षय ने बताया, “उन्होंने मुझे एक लाल रंग की फ्रॉक पहनाई थी, जो आज भी मेरे पास है और मैं उस समय बेहोश था। उन्होंने मंदिर के अंदर मुझे नहलाया, पूजा-अर्चना की और प्रार्थना करते समय उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे।” इसके बाद ठीक उसी समय एक अनजान व्यक्ति अक्षय के पिता के पास आया और उसने कह कि आपके बेटे की मुस्कान बहुत प्यारी है।

इसके बारे में अभिनेता ने बताया, “मेरे पिता ने मेरी तरफ देखा और मैं मुस्कुरा रहा था। मेरा बुखार उतरकर 98 डिग्री पर आ गया था। मैं पूरी तरह से ठीक हो गया था। मुझे ठीक-ठीक तो नहीं पता कि उन्होंने मुझे कौन सी दवा दी थी, लेकिन वहां की एनर्जी में कुछ तो ऐसी बात थी, जिसकी वजह से मैं अपने आप ही ठीक हो गया।”

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