सिनेमाघरों में नहीं, घरों में गूंजेंगे देशप्रेम के तराने

इस स्वतंत्रा दिवस पर देशप्रेम पर बनी किसी फिल्म के तराने सिनेमाघरों में गूंजने की स्थिति नहीं हैं क्योंकि 50 फीसद क्षमता से खुले सिनेमाघरों में नई फिल्में रिलीज नहीं हो रही हैं।

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अजय देवगन।

इस स्वतंत्रा दिवस पर देशप्रेम पर बनी किसी फिल्म के तराने सिनेमाघरों में गूंजने की स्थिति नहीं हैं क्योंकि 50 फीसद क्षमता से खुले सिनेमाघरों में नई फिल्में रिलीज नहीं हो रही हैं। इसलिए इस पंद्रह अगस्त पर सिनेमाघरों में गंूजने वाले देशप्रेम के तराने आपको अपने ड्राइंग रूम में ही सुनने को मिलेंगे। ‘शेरशाह’ और ‘भुज : द प्राइड आॅफ इंडिया’ जैसी फिल्मों के निर्माताओं ने लंबे इंतजार के बाद अपनी फिल्में ओटीटी चैनलों पर रिलीज करने का निर्णय लिया है। ‘भुज’ 1971 और ‘शेरशाह’ करगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्में हैं।

दिल्ली के सिनेमाघर 26 जुलाई से 50 फीसद क्षमता के साथ खुलने की खबर से चाहे फिल्मप्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई हो, मगर सचाई यह है कि बॉलीवुड के व्यवसायी अपनी नई फिल्में रिलीज करने के मूड में अभी तक नहीं हैं। हालांकि कोरोना महामारी के मामलों में गिरावट का क्रम जारी है। मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अपने यहां आधी क्षमता के साथ सिनेमाघर खोल दिए हैं। महाराष्ट्र में अभी तक सिनेमाघर नहीं खुले हैं। बॉलीवुड के निर्माता महाराष्ट्र में सिनेमाघर पूरी क्षमता के साथ खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

कुल मिलाकर स्वतंत्रता दिवस सिर पर है और सिनेमाघर सूने पड़े हैं। एक तो पचास फीसद क्षमता के साथ उन्हें खोलने में सिनेमा मालिकों की दिलचस्पी नहीं हैं और दूसरी ओर नई फिल्मों की आवक बंद है। इसलिए चाहे राज्यों ने पचास फीसद क्षमता के साथ सिनेमाघर खोलने का एलान कर दिया हो, सिनेमाप्रेमियों का इंतजार अभी तक खत्म नहीं हुआ है। सिनेमाघरों में पुरानी फिल्में रिलीज की जा सकती हैं, मगर दर्शकों की इन फिल्मों में रुचि नहीं है।

इन्हीं सब कारणों से आजादी के राष्ट्रीय उत्सव पर इन अधखुले सिनेमाघरों के सूने रहने की संभावनाएं हैं। इसका स्थिति का सीधा फायदा मिला है ओटीटी चैनलों को। इंतजार करने के बाद और हालातों को देखकर ही करण जौहर जैसे निर्माता ने भी अपनी ‘शेरशाह’ ओटीटी पर दे दी। ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो परमवीर चक्र विजेता विक्रम बत्रा की दास्तान ‘शेरशाह’ 12 अगस्त को दिखाएगा। दर्शक 13 अगस्त को 1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी ‘भुज : द प्राइड आॅफ इंडिया’ डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देखेंगे।

लगातार बंद और प्रतिबंधों के कारण अजय देवगन की ‘भुज’ और सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘शेरशाह’ ओटीटी चैनलों को बेची गई है। जब करण जौहर और टी सीरीज जैसे ताकतवर निर्माता इंतजार करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो दूसरे निर्माताओं से उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे फिल्म बनाकर इस इंतजार में बैठेंगे कि किसी दिन सौ फीसद क्षमता के साथ सिनेमाघर खुलेंगे और वे अपनी फिल्में थियेटरों में रिलीज करेंगे। इसलिए एक के बाद एक फिल्म ओटीटी की झोली में टपकती जा रही है। फरहान अख्तर की ‘तूफान’ टपकी, परेश रावल की ‘हंगामा 2’ भी टपकी। विद्या बालन की ‘शेरनी’ और तापसी पन्नू की ‘हसीन दिलरूबा’ भी टपक गर्इं। जब सलमान की ‘राधे’ जैसी फिल्म ही टपक गई तो बाकी की फिल्में क्या गिनाना। ओटीटी भविष्य का प्लेटफॉर्म होगा। मल्टीप्लेक्स कब तक घाटा सहन करेंगे। एक दिन कोई बड़ी कंपनी उन्हें औने-पौने दामों में खरीद कर अपने में मिला लेगी।

इसलिए इस स्वतंत्रता दिवस पर सिनेमाघरों में देशप्रेम के तराने नहीं गूंजेंगे। वे आपके ड्राइंग रूम में ही आपको सुना दिए जाएंगे। ठप्पे से गरमा गरम पकौड़ों और परिवार के साथ बैठकर ‘शेरशाह’ में विक्रम बत्रा बने सिद्धार्थ मल्होत्रा को देखिए। या फिर ‘भुज’ में स्क्वाड्रन लीडर विजय कर्णिक बने अजय देवगन को। आप ‘भुज’ में नोरा फतेही का आइटम डांस ‘जालिमा कोकाकोला’ देखने के लिए भी आजाद हैं।

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