फिल्म ‘धुरंधर’ की स्क्रिप्ट को लेकर चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए फिल्ममेकर संतोष कुमार को कथित तौर पर आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां दोहराने से रोक दिया है। यह आदेश जस्टिस आरिफ एस डॉक्टर ने निर्देशक आदित्य धर द्वारा दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक संतोष कुमार उन बयानों या इसी तरह की किसी भी टिप्पणी को दोहराने से परहेज करेंगे, जिन्हें याचिका में आपत्तिजनक बताया गया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश फिलहाल केवल संतोष कुमार पर लागू होगा और 16 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा, जब मामले की अगली सुनवाई होनी है।

दरअसल, यह विवाद ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की रिलीज के कुछ दिनों बाद हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ, जहां संतोष कुमार ने आरोप लगाया था कि फिल्म की कहानी उनकी रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘द साहब’ से कॉपी की गई है। इसके बाद आदित्य धर ने उन्हें लीगल नोटिस भेजकर इन आरोपों को खारिज किया और ऐसे बयान देने से बचने की चेतावनी दी। हालांकि, जवाब न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

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अपनी याचिका में आदित्य धर ने संतोष कुमार के बयानों को निराधार और मानहानिकारक बताते हुए उन पर रोक लगाने और हर्जाने की मांग की है। सुनवाई के दौरान उनके वकील, सीनियर एडवोकेट बिरेंद्र सराफ ने दलील दी कि अगर संतोष कुमार को किसी तरह की शिकायत है, तो वह कानूनी प्रक्रिया अपना सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते।

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कोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर आदित्य धर के पक्ष में मामला बनता हुआ पाया और उन्हें सीमित अंतरिम राहत देते हुए संतोष कुमार को ऐसे बयानों से दूर रहने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।