रील गाथा: 1995 में आई फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ आज भी दर्शकों के मन में एक अलग जगह रखती है। ये एक रोमांटिक ड्रामा थी, जिसमें शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी को खूब पसंद किया गया था। शाहरुख खान यानी राज का सिमरन को ‘पलट, पलट, पलट’ बोलना, सीटी बजाना और एंड में सिमरन का अपने राज के साथ के लिए चलती ट्रेन में चढ़ना, ये सब काफी हटके था। राज और सिमरन की जोड़ी आज भी हिट है, लेकिन जरा सोचिए अगर शाहरुख खान की जगह कोई और हीरो इस फिल्म का हिस्सा होता तो क्या तब भी राज के रोमांस को आज भी पसंद किया जाता।

जी हां! राज के रोल के लिए कुछ और भी लोगों का नाम आदित्य चोपड़ा के दिमाग में आया था। उनमें से पहला नाम है हॉलीवुड एक्टर टॉम क्रूज का। शायद ये जानकर हैरानी होगी लेकिन ये सच है। उनके अलावा सैफ अली खान भी आदित्य चोपड़ा की पसंद थे। सैफ अली खान अपनी दूसरी फिल्म में व्यस्त थे और ऐसे में डेट न होने के कारण उनके हाथ से ये मौका निकल गया। फिर आए शाहरुख खान, जिन्होंने इस किरदार को यादगार बना दिया। लेकिन टॉम क्रूज फिल्म का हिस्सा कैसे नहीं बने इसके बारे में बताते हैं।

खबरों के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने फिल्म में भारतीय-अमेरिकी ट्विस्ट लाने का सोचा था। फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा ने अपनी किताब ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे: द मेकिंग ऑफ अ ब्लॉकबस्टर’ में इसका खुलासा किया है। निर्देशक आदित्य चोपड़ा ने डीडीएलजे को एक अमेरिकी लड़के और एक भारतीय लड़की के बीच एक क्रॉस-कल्चरल रोमांस के बारे में कल्पना की थी, यही कारण है कि वो राज के रोल के लिए टॉम क्रूज को लेने का विचार कर रहे थे। लेकिन यश चोपड़ा का कुछ और ही प्लान था। फिल्म निर्माता ने अपने बेटे से कहानी को फिर से लिखने को कहा और मुख्य किरदारों को भारतीय बनाने को कहा।

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काजोल ने भी किया था खुलासा

सिमरन का किरदार निभाने वालीं काजोल ने मिडडे को दिए एक इंटरव्यू में इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “शुरुआत में वो फिल्म में टॉम क्रूज को लेना चाहते थे। ये उनकी विश लिस्ट में था। हर निर्देशक की एक विश लिस्ट होती है जिसमें वो उन अभिनेताओं के नाम लिखते हैं जिन्हें वो लेना चाहते हैं और फिर उसके बाद उन्हें हकीकत का एहसास होता है, ‘अच्छा ठीक है, अपने देश के किसी आम अभिनेता को लेते हैं।'”

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फिल्म आज भी है खास

‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ राज और सिमरन की रोमांटिक कहानी पर आधारित है, जो यूरोप में मिलते हैं और प्यार में पड़ जाते हैं, लेकिन सिमरन के पिता उनकी शादी किसी और से तय कर देते हैं। राज सिमरन को भगाने की बजाय उसके परिवार का दिल जीतकर उसे पाने की कोशिश करता है। फिल्म में सरसों के खेत और ट्रेन वाले क्लाइमैक्स सीन जैसे यादगार पल हैं और इसके गाने “तुझे देखा तो ये जाना सनम” और “मेहंदी लगा के रखना” आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

फिल्म ने रचा इतिहास

DDLJ भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी चलने वाली फिल्मों में से एक है और मुंबई के मराठा मंदिर में 25 साल से अधिक समय तक चलती रही। फिल्म ने 10 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते और शाहरुख खान को किंग ऑफ रोमांस का खिताब दिलाया। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि 90 के दशक के बॉलीवुड रोमांस की पहचान बन गई और एनआरआई भारतीय परिवारों की भावनाओं को दर्शाने वाली कहानी के रूप में भी खास मानी जाती है। इस खबर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें…