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पुरुष अगर डरे हुए हैं तो डरना भी चाहिए : तनुश्री

अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों को देश में गंभीरता से नहीं लिया जाता है।

Author October 26, 2018 6:08 AM
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता

देश में मी टू की मुहिम में भारत के कई नामी नेता-अभिनेताओं का नाम आ चुका है। भारत में इस मुहिम की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों को देश में गंभीरता से नहीं लिया जाता है। पीड़ित महिलाओं को ही चुप्पी साधने की सलाह दे दी जाती है, जो कि गलत है। तनुश्री ने अभिनेता नाना पाटेकर की ओर से की गई बदसलूकी के आरोप में इंसाफ मिलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि नियम और कानून होने के बावजूद चीजों को मोड़ा-तोड़ा जाता है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार होने के कारण न्याय मिलने में देर हो जाती है। पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश से एक बुरे वातावरण का निर्माण होता है। अभिनेत्री ने कहा कि वह लड़ाई लड़ रही हैं और इसका प्रतिफल उन्हें जल्दी ही मिलेगा। तनुश्री ने सितंबर में नाना पाटेकर पर वर्ष 2008 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही बॉलीवुड में ‘मी टू’ की लहर शुरू हुई और पूरे देश में फैल गई।

वहीं, फिल्म जगत में कई लोगों ने तनुश्री का समर्थन किया तो कई आज भी चुप्पी साधे हुए हैं। इस अदाकारा का कहना है कि बॉलीवुड के बड़े नाम उनके लगाए गए आरोप को एक विवाद मानते हैं, इसलिए चुप हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों में जो उनका करिअर था, वह दांव पर था। उनका कहना है कि वे पिछले 10 सालों से नेशनल टेलीविजन पर हैं और उन्होंने अपनी बात सिर्फ इसलिए रखी क्योंकि वे अपना बचाव करना चाहती थीं, कोई हीरो नहीं बनना चाहती थीं। तनुश्री नाम उजागर करके शर्मसार करने वाली मुहिम से खुश हैं और वह मानती हैं कि अगर पुरुष ऐसी मुहिम से डरे हुए हैं तो उन्हें डरना भी चाहिए।

हमारे चारों तरफ हैं यौन उत्पीड़क : जैकलीन फर्नांडिस

हैशटैग मीटू मुहीम में अभिनेत्री जैक्लीन फर्नांडिस ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि यौन प्रताड़ना सिर्फ फिल्म जगत से ही जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आज सभी क्षेत्रों व घरों में भी दिखाई व सुनाई देता है। जैकलीन ने कहा कि मी टू अभियान के प्रति लोगों को बातचीत कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लैंगिक चर्चा एक ऐसा संवाद है जो काफी समय से लंबित है। इसे हमें फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनका कहना है कि यह एक ऐसा संवाद है जिस पर लंबे समय से समाज में भी चर्चा नहीं हुई है। अभिनेत्री ने कहा कि पूरा मुद्दा यौन संबंधों के बारे में नहीं है बल्कि यह शक्ति संघर्ष के बारे में है।

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