90 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में से एक एक्ट्रेस मधु इन दिनों अपने बेबाक इंटरव्यूज के लिए काफी चर्चा में हैं। एक्ट्रेस को काफी मुद्दों पर अपनी राय रखते देखा जा रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पेद्दी’ में जाहन्वी कपूर के सीन्स पर मचे बवाल के बाद, फिल्मों में महिलाओं के प्रस्तुतिकरण पर बहस छिड़ गई।
इस बारे में एक्ट्रेस मधु ने अपनी राय रखते हुए अपनी फिल्म’ फूल और कांटे’ का उदाहरण दिया। एक्ट्रेस कहना है कि उनकी फिल्म फूल और कांटे में लड़की से छेड़छाड़ को बढ़ावा दिया गया था। अगर आज वो फिल्म बनी होती तो उस पर भी बहस होती और दर्शकों को फिल्म पसंद नहीं आती।
यह भी पढ़ें- सलमान खान फार्महाउस केस: बॉम्बे हाई कोर्ट ने पड़ोसी को लगाई फटकार, एक्टर के खिलाफ पोस्ट किए थे अपमानजनक वीडियो
मधु ने अपनी फिल्म फूल और कांटे पर उठाए सवाल
आईएएनएस के साथ की गई बातचीत में मधु ने कहा कि ‘सिनेमा हमेशा समाज का आईना माना गया है। समाज के बदलने के साथ हमे फिल्मों को भी बदलने की जरूरत है। आज जिन चीजों को फिल्म में गलत माना जाता है, पहले वही चीजें बिल्कुल नॉर्मल थीं। मेरी सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे में दिखाया गया था, उसे प्यार और रोमांस माना गया था लेकिन आज के दौर में वही व्यवहार छेड़छाड़ माना जाएगा।’
बदल गया है जनता का नजरिया
मधु ने कहा कि ‘उनकी फिल्म में लड़की उसी लड़के से प्यार करने लगती है, जो उसे लगातार परेशान करता है। उस समय इसे रोमांस माना गया, अब ऐसा करने वाला लड़का सीधे जेल पहुंच सकता है लेकिन तब हीरो बन गया। अपनी बात में आगे एक्ट्रेस कहती हैं, ’80 और 90 के दशक में फिल्मों में रेप सीन होना बहुत नॉर्मल था। हर दूसरी फिल्म में आपको एक रेप सीन दिख जाएगा। उस दौर में लोगों ने कभी सवाल नहीं उठाए, ना कभी कोई बहस छिड़ी लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता।’
यह भी पढ़ें- ‘हमारे लिए वो स्टार है’, रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी करने वाले अशोक पंडित ने की धुरंधर की तारीफ
‘आज का समय पूरी तरह बदल चुका है। अब ऐसे सीन को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा। साथ ही इस पर बहस शुरु हो जाएगी। आज अगर फिल्म में ऐसा कोई भी सीन डाला जाता है तो उसे सावधानी के साथ पेश किया जाता है और इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि कोई भी गलत संदेश दर्शकों के बीच ना जाए।’
फिल्म फूल और कांटे हुई थी हिट
मधु ने कहा कि ‘उस दौर में किसी ने फिल्म पर छेड़छाड़ को बढ़ावा देने का आरोप नहीं लगाया और दर्शकों ने उसे हिट बना दिया। लेकिन आज का दर्शक ज्यादा जागरूक है और ऐसे मुद्दों पर सवाल उठाता है।’ उन्होंने कहा कि समाज के बदलने के साथ सिनेमा भी बदलना चाहिए और फिल्मों में महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें कि फिल्मों में महिलाओं के प्रस्तुतिकरण पर बहस तब ज्यादा तेज है गई जब राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ में जाहन्वी कपूर के सीन्स पर दर्शकों ने सवाल उठाए। मामला इतना गंभीर हो गया कि फिल्म से उनके गलत एंगल वाले सीन्स को हटाने का फैसला किया गया, साथ ही फिल्म के डायरेक्टर बुची बाबू सना ने दर्शकों से माफी भी मांगी। ये पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें….
