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तुमसे बात करने खंडाला चलूं? प्रकाश झा से मिलने गए थे मनोज बाजपेयी, जवाब सुन रह गए थे सन्न

प्रकाश झा उन दिनों इंडस्ट्री का बड़ा नाम थे। उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहता था। मनोज बाजपेयी जब प्रकाश झा से मिलने पहुंचे तो उनकी एक बात सुनकर सन्न रह गए।

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मनोज बाजपेयी (फोटो क्रेडिट-अमेजन स्टूडियो)

साल 1994 में आई फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ खासी चर्चित रही थी। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी ने मान सिंह की भूमिका निभाकर चौतरफा तारीफ बटोरी थी। उन्होंने अपने अभिनय से इस रोल में जान डाल दिया था। तब मनोज बाजपेयी इंडस्ट्री में अपना मुकाम बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। ‘बैंडिट क्वीन’ के बाद वे इंडस्ट्री में हाथ पैर मार रहे थे। इसी दरम्यान प्रकाश झा ने उन्हें अपनी फिल्म ‘मृत्युदंड’ में बड़ा रोल ऑफर कर दिया। बाजपेयी अपने एक साथी के कहने पर प्रकाश झा से मिलने पहुंचे।

प्रकाश झा उन दिनों इंडस्ट्री का बड़ा नाम थे। उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहता था। मनोज बाजपेयी जब प्रकाश झा से मिलने पहुंचे तो उनकी एक बात सुनकर सन्न रह गए और कई दिनों तक उनके ज़हन में यही बात घूमती रही थी। पत्रकार-लेखक पीयूष पांडे पेंग्विन से प्रकाशित मनोज बाजपेयी की जीवनी में लिखते हैं कि ‘मनोज अब इस घटना को बहुत शालीनता से बताते हैं लेकिन उस दिन जो हुआ था उसने मनोज को अंदर तक हिला कर रख दिया था…।’

पांडे अपनी किताब में मनोज बाजपेयी के दोस्त अनीश रंजन के हवाले से लिखते हैं, ‘मनोज, जब प्रकाश झा से मिलकर आया तो उसने मुझे वह घटना बताई थी। मनोज जब उनकी बिल्डिंग के नीचे पहुंचा तो प्रकाश झा नीचे ही खड़े मिल गए। उनके साथ कुछ और लोग थे। मनोज को सबके सामने बात करना ठीक नहीं लगा। उसके प्रकाश झा से धीरे से कहा कि वह 2 मिनट उनसे बातचीत करना चाहता है…।

‘बात करने खंडाला चलूं?’ इस पर प्रकाश झा ने बेहद रूखे तरीके से कहा- ‘क्या आपसे बातचीत करने के लिए मैं खंडाला चलूं?’ प्रकाश झा की यह बात मनोज बाजपेयी के दिल पर लग गई थी। ऐसा सलूक उनके साथ किसी ने नहीं किया। मनोज बाजपेयी, प्रकाश झा के रवैये से बेहद दुखी हुए।

‘गलती हो गई, माफ कर दो’: पीयूष पांडे लिखते हैं कि बाद में मैंने इस घटना के बारे में प्रकाश झा से पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे याद नहीं, लेकिन जरूर मुलाकात हुई होगी। क्योंकि उन दिनों दिल्ली के आदर्श नगर में मेरा ऑफिस था। यहां तमाम लोग मिलने आते थे। किसी की प्रतिभा को नहीं पहचाना तो क्या कर सकता हूं। यही कहूंगा कि भैया गलती हो गई थी, माफ कर दो।

बाद में बन गए अच्छे दोस्त: मनोज बाजपेयी ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनी। बाद के दिनों में मनोज बाजपेयी और प्रकाश झा के बीच बेहद अच्छे संबंध बने। दोनों ने राजनीति, चक्रव्यूह, आरक्षण और सत्याग्रह जैसी फिल्मों में एक साथ काम किया।

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