फिल्म निर्माता अभिनव कश्यप ने पिछले दिनों सलमान खान के खिलाफ काफी बेबाक बयान दिए थे। उन्होंने सलमान खान ही नहीं, उनके परिवार के खिलाफ भी काफी बातें बोली थीं। जिसके बाद अब उन्हें कोर्ट से आदेश मिला है कि वो सलमान और उनके परिवार के खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक या अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकत
शुक्रवार को एक अदालत ने फिल्म निर्माता अभिनव कश्यप पर सलमान के खिलाफ कुछ भी सार्वजनिक रूप से साझा करने से फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का यह मतलब नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ अपशब्दों, धमकी भरी या मानहानिकारक भाषा का इस्तेमाल करे।
यह आदेश सलमान खान की ओर से दायर किए गए मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया गया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश पी. जी. भोसले ने अभिनव कश्यप और दो अन्य लोगों के खिलाफ अंतरिम एकतरफा निषेधाज्ञा जारी की। इसका मतलब है कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक कश्यप इस मामले में अपना पक्ष रखे बिना ही अदालत का आदेश लागू रहेगा।
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सलमान खान ने यह मुकदमा दीवानी अदालत में दायर किया है, जिसमें उन्होंने कश्यप के खिलाफ स्थायी रोक लगाने और 9 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। यह कानूनी कदम सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच सामने आए उन वीडियो इंटरव्यू और पॉडकास्ट की एक श्रृंखला के बाद उठाया गया, जिनमें अभिनव कश्यप ने सलमान खान और उनके परिवार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। कुल मिलाकर, इस अवधि में ऐसे 26 वीडियो सामने आए, जिनके बाद सलमान खान ने अदालत का रुख किया।
मुकदमे में दावा किया गया है कि इन वीडियो और पॉडकास्ट में कश्यप ने सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ झूठे, अपमानजनक और बेहद मानहानिकारक बयान दिए। सलमान खान की शिकायत के अनुसार, इन बयानों से न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि उनके परिवार की प्रतिष्ठा पर भी गंभीर असर पड़ा है।
इस केस में केवल अभिनव कश्यप ही नहीं, बल्कि खुशबू हजारे और कुछ प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी पक्षकार बनाया गया है। आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर यह आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित और प्रचारित किया गया, जिससे यह और ज्यादा लोगों तक पहुंचा।
मुकदमे में खासतौर पर “बॉलीवुड ठिकाना” नाम के एक चैनल पर प्रसारित वीडियो का जिक्र किया गया है। इन वीडियो में सलमान खान की पेशेवर ईमानदारी, व्यक्तिगत चरित्र और उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, कश्यप ने इन वीडियो में खान परिवार को “दोषी अपराधी” और “जिहादी तंत्र” से जुड़ा हुआ तक बताया, जिसे सलमान खान की टीम ने बेहद गंभीर और निंदनीय करार दिया है।
अदालत ने प्रारंभिक तौर पर माना कि इस तरह की भाषा न सिर्फ मानहानिकारक है, बल्कि इससे किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंच सकता है। इसी आधार पर अदालत ने फिलहाल कश्यप पर रोक लगाते हुए यह स्पष्ट किया कि बोलने की आज़ादी के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई में यह तय होगा कि स्थायी निषेधाज्ञा और हर्जाने की मांग पर अदालत क्या अंतिम फैसला सुनाती है।
