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बार डांसर से बन गई बॉलीवुड की मशहूर हस्‍ती, इस महिला की कहानी बहुतों को देगी हिम्‍मत

17 साल की उम्र में शगुफ्ता वेश्यावृति की तरफ बढ़ गईं। कुछ वक्त वह यही बनकर पैसे कमाती रहीं। इसके बाद शगुफ्ता दुबई चली गईं। वहां भी उन्होंने डांस करना शुरू किया। इसके लिए उन्हें अच्छे पैसे भी मिल जाया करते थे।

बॉलीवुड स्क्रिप्ट राइटर शगुफ्ता

भट्ट कैंप के लिए कई फिल्में लिखने वालीं शगुफ्ता रफीक ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है। इमरान हाशमी, शमिता शेट्टी और उदिता गोस्वामी स्टारर फिल्म ‘वो लम्हे’ का स्क्रीन प्ले और डायलॉग्स लिखने वालीं शगुफ्ता एक समय में बार डांसर हुआ करती थीं। शगुप्ता ने फिल्म इंडस्ट्री को और भी कई फिल्में दीं जैसे-‘आवारापन’, ‘राज’, ‘मर्डर 2’ और ‘आशिकी 2’। फिल्मों की कहानी लिखने वाली शगुफ्ता की असल जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बचपन में किसमत से अनाथ शगुफ्ता अनवरी बेगम को मिल गई थीं।

अनवरी ने ही उन्हें पाल पोस कर बड़ा किया। इस दौरान उनकी जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें दो वक्त की रोटी पाना भी मुश्किल हो गया। इस दौरान अनवरी ने दो जून की रोटी का इंतजाम करने के लिए अपने गहने भी बेच दिए। आर्थिक स्थिति खराब होता देख शगुफ्ता ने अनवरी का सहारा बनने की ठानी। इस दौरान 12 साल की शगुफ्ता को प्राइवेट पार्टियों में डांस करने का काम मिल गया। यह पार्टियां बड़े हाई लेवल की हुआ करती थीं। यहां अमीर अमीर लोग अपनी गर्लफ्रेंड्स और प्रॉस्टिट्यूट के साथ आया करते थे। शगुफ्ता के डांस करने पर उन्हें पैसे मिला करते। उन्हीं पैसों से घर का खर्च चला करता था।

17 साल की उम्र में शगुफ्ता वेश्यावृति की तरफ बढ़ गईं। कुछ वक्त वह यही बनकर पैसे कमाती रहीं। इसके बाद शगुफ्ता दुबई चली गईं। वहां भी उन्होंने डांस करना शुरू किया। इसके लिए उन्हें अच्छे पैसे भी मिल जाया करते थे। इस बीच उनकी मां की तबियत खराब हो गई और वह सब कुछ छोड़ छाड़ कर वापस अपनी मां के पास आ गईं। उनकी मां को कैंसर की बीमारी ने जकड़ लिया था। जिसके चलते वह ज्यादा दिनों तक सरवाइव नहीं कर पाईं।

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कुछ वक्त बाद शगुफ्ता की मुलाकात फिल्ममेकर महेश भट्ट से हुई। इस बीच महेश भट्ट ने उन्हें काम करने का मौका दिया। तब शगुफ्ता ने भट्ट कैंप में एंट्री मारी और सबसे पहले लिखने का काम किया। शगुप्ता ने फिल्म वो लम्हे से खुद को साबित किया इसके बाद उन्होंने महेश भट्ट कैंप के लिए कई फिल्में लिखीं। शगुफ्ता ने साल 2006 में वो लम्हे।

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2007 में आवारापन, साल 2007 में ही शोवबीज, साल 2009 में आई फिल्म राज, इसी साल आई जश्न, 2010 में आई फिल्म कजरारे, साल 2011 में आई फिल्म मर्डर 2, 2012 में आई फिल्म जन्नत, इसी साल आई फिल्म जिस्म 2, राज 23, साल 2013 में आई ‘आशिकी 2’, साल 2014 में आई मिस्टर एक्स, साल 2013 में आई अंकुर अरोड़ा मर्डर केस, साल 2014 में आई तेलुगू फिल्म Nee Jathaga Nenundali, और साल 2015 में आई हमारी अधूरी कहानी , साल 2015 में ही आई अलोन, पंजाबी फिल्म दुश्मन के लिे स्क्रीन प्ले और डायलॉग्स लिखे। वहीं राइटर टीवी सीरियल तू आशिकी के कॉन्सेप्ट पर भी काम कर रही हैं।

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