तब मैंने इतने पैसे देखे भी नहीं थे…आमिर खान ने ‘रंग दे बसंती’ के लिए मांगे थे 8 करोड़ रुपये, रख दी थी ऐसी शर्त

राकेश ओम प्रकाश कहते हैं कि उस वक्त तो उन्होंने 8 करोड़ देखे भी नहीं थे। दरसअल, आमिर ने 8 करोड़ रुपए के पीछे एक शर्त रखी थी।

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आमिर खान, कुणाल कपूर और सिद्धार्थ फिल्म रंग दे बसंती के एक सीन में (फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

साल 2006 में आई फिल्म रंग दे बसंती को यूथ ने बहुत पसंद किया था। मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की इस फिल्म को डायरेक्टर राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने डायरेक्ट किया था। राकेश ओम प्रकाश मेहरा अब बताते हैं कि जब ये फिल्म बन रही थी उस वक्त आमिर खान ने मेकर से 8 करोड़ रुपए फीस मांग ली थी। राकेश ओम प्रकाश कहते हैं कि उस वक्त तो उन्होंने 8 करोड़ देखे भी नहीं थे। दरसअल, आमिर ने 8 करोड़ रुपए के पीछे एक शर्त रखी थी। इस बारे में फिल्ममेकर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में जिक्र किया है।

फिल्म तूफान के डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा की ऑटोबायोग्राफी ‘द स्ट्रेंजर इन द मिरर’ 27 जुलाई को लॉन्च हुई। इस किताब को उन्होंने रीता राममूर्ति गुप्ता के साथ मिलकर लिखा है। अपनी इस किताब में फिल्ममेकर ने विज्ञापन से लेकर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जर्नी और फिल्ममेकिंग को खोलकर बताया है। राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने किताब में आमिर खान की फिल्म रंग दे बसंती को लेकर भी एक किस्सा शेयर किया है।

ऐसे में उन्होंने एक वाकया शेयर करते हुए बताया कि फिल्म ‘रंग दे बसंती’ के दौरान आमिर ने उनसे 8 करोड़ रुपए मांग लिए थे। उन्होंने कहा- ‘आमिर ने एक शर्त मेरे आगे रख दी थी कि अगर फिल्म तय समय के बाद पूरी हुई तो उन्हें फीस के तौर पर 8 करोड़ रुपए मिलेंगे। यानी 4 करोड़ फीस तब 8 करोड़ हो जाएगी अगर ये फिल्म लेट हो गई तो। मैंने तो उस वक्त 8 करोड़ रुपए भी नहीं देखे थे।’

आमिर के लिए उन्होंने कहा कि- ‘वह जमीन से जुड़े शख्स हैं, किसी बात का इगो नहीं रखते। जहां कहा जाए वह वहीं शूट करते हैं। आमिर ने जब ये फिल्म साइन की थी तो उस वक्त एक क्लॉज बनाया था ताकि फिल्म समय पर खत्म हो सके। इसी वजह से ऐसा पहली बार हुआ जब मेरी फिल्म वक्त पर खत्म हुई। ‘

राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने आमिर खान की तारीफ करते हुए कहा, “उन्होंने डीजे और चंद्रशेखर आजाद की आत्मा को बखूबी निभाया। भारती (ओमप्रकाश की पत्नी) ने मुझे एक कोट दिया था जिसे उन्होंने पढ़ा था, ‘जीवन में दो प्राथमिक विकल्प हैं. या तो आप चीजों को वैसे ही रहने दें जैसे वे हैं, या उन्हें बदलने की जिम्मेदारी ले लें।’ मैंने आमिर को उनके कैरेक्टर के लिए इस कोट को भेजा।”

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