बॉलीवुड एक्टर आमिर खान अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्हें बॉलीवुड का ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने तक का मन बना लिया था। इसके पीछे वजह थी उनके पिता पर चढ़ा भारी कर्ज और घर की खराब आर्थिक स्थिति। मगर फिर उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया कि सब बदल गया।

आमिर खान के पिता ताहिर हुसैन फिल्म निर्माता थे। उन्होंने कई फिल्मों में पैसा लगाया, लेकिन उनमें से कई बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण परिवार पर भारी कर्ज चढ़ गया। उस समय आमिर खान काफी छोटे थे, लेकिन उन्होंने घर में पैसों की तंगी और कर्जदारों का दबाव करीब से देखा। कई बार ऐसा होता था कि कर्ज देने वाले लोग घर तक आ जाते थे और पैसे की मांग करते थे। इन हालातों ने आमिर को अंदर तक झकझोर दिया था।

एक इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया था कि बचपन में उन्होंने अपने पिता को कर्ज के बोझ में परेशान होते देखा। इसी वजह से उन्होंने मन ही मन तय कर लिया था कि वह फिल्मों से दूर रहेंगे, क्योंकि उन्हें लगता था कि फिल्म इंडस्ट्री बहुत अस्थिर है और यहां आर्थिक जोखिम बहुत ज्यादा है।

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असिस्टेंट डायरेक्टर बनकर सीखा फिल्ममेकिंग का काम

हालांकि फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला ज्यादा दिन टिक नहीं पाया। आमिर को सिनेमा से लगाव था, इसलिए उन्होंने पर्दे के पीछे काम करना शुरू किया। उन्होंने अपने चाचा नासिर हुसैन के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और फिल्ममेकिंग की बारीकियां सीखीं। यहीं से धीरे-धीरे उनका भरोसा फिर से फिल्मों की दुनिया पर बनने लगा।

‘कयामत से कयामत तक’ ने बदल दी किस्मत

साल 1988 में आमिर खान को बतौर हीरो फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ में मौका मिला। इस फिल्म में उनके साथ जूही चावल नजर आई थीं। यह फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुई। रोमांटिक कहानी, संगीत और आमिर-जूही की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और आमिर खान रातों-रात स्टार बन गए।

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‘कयामत से कयामत तक’ की सफलता ने न सिर्फ आमिर खान का करियर बना दिया, बल्कि उनके जीवन की दिशा भी बदल दी। जिस इंडस्ट्री को वह कभी छोड़ना चाहते थे, उसी में वह आगे चलकर सबसे सफल और सम्मानित अभिनेताओं में शामिल हो गए।

‘कयामत से कयामत तक’ के बाद आमिर खान ने एक से बढ़कर एक फिल्में दीं और अपने अलग तरह के सिनेमा के लिए पहचाने जाने लगे। आज आमिर खान सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सफल निर्माता और निर्देशक भी हैं। कभी पिता के कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान होकर फिल्मों से दूरी बनाने का सोचने वाले आमिर खान आज हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली सितारों में गिने जाते हैं।