72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं का ऐलान शुक्रवार को किया गया। इस बार ममूटी, कार्तिक आर्यन, यामी गौतम, धनुष, संजय मिश्रा, रोपाश्री वरकड़ी और सचाना नामीदास जैसे कलाकारों ने बड़ी जीत हासिल की। कार्तिक आर्यन और ममूटी ने संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता। कार्तिक को ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रमायुगम’ के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं ‘आर्टिकल 370’ में शानदार अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। धनुष को ‘कैप्टन मिलर’ के लिए स्पेशल मेंशन मिला, जबकि उनके निर्देशन में बनी ‘रायन’ को सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म चुना गया। अब इन कलाकारों ने अपना रिएक्शन दिया है।
यामी को मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
यामी गौतम ने अपने करियर का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “हर सफर में एक ऐसा पल आता है जो आपको याद दिलाता है कि आपने हार क्यों नहीं मानी। आज मेरे लिए वही पल है। ‘आर्टिकल 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिलना एक ऐसा सम्मान है जिसे मैं जिंदगी भर याद रखूंगी। 14 सालों से मैंने बस अपने काम के प्रति ईमानदार रहने, ईमानदारी से काम करने और अपनी परफॉर्मेंस को खुद बोलने देने की कोशिश की है। यह सम्मान उम्मीद, लगन, हिम्मत और सिनेमा के लिए अटूट प्यार से भरे सफर का नतीजा लगता है।”
इसके आगे अभिनेत्री ने लिखा, “यह एक ऐसा सपना है जिसे मैंने सालों से अपने दिल में संजोकर रखा था और आज मैं इसे बहुत आभार और विनम्रता के साथ स्वीकार कर रही हूं। ‘आर्टिकल 370’ मेरे लिए कभी भी कोई आम फिल्म नहीं थी। यह एक ऐसी कहानी थी जिस पर मुझे गहरा विश्वास था। यह बात कि यह हमारा होम प्रोडक्शन था, इस सम्मान को और भी ज्यादा इमोशनल और पर्सनल बनाती है। हर चुनौती, हर बातचीत और सेट पर बिताया हर दिन एक ही मकसद से प्रेरित था। इस कहानी को ईमानदारी और पूरे यकीन के साथ लोगों तक पहुंचना।”
यामी गौतम ने दिया सभी को धन्यवाद
इस शानदार सम्मान के लिए सम्मानित जूरी, हमारे दूरदर्शी डायरेक्टर, हमारी जबरदस्त कास्ट और क्रू और दर्शकों के हर उस सदस्य का दिल से आभार, जिन्होंने ‘आर्टिकल 370’ को इतने प्यार और भरोसे के साथ अपनाया। आपने हमें याद दिलाया कि सार्थक कहानियां हमेशा लोगों के दिलों तक पहुंच ही जाती हैं। मेरे परिवार, मेरी टीम, मेरे शुभचिंतकों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने उतार-चढ़ाव के हर दौर में मुझ पर भरोसा किया। आपके भरोसे ने मुझे आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी, तब भी जब मंजिल बहुत दूर लगती थी।
यह अवॉर्ड किसी सपने का अंत नहीं है, बल्कि एक बड़ी ज़िम्मेदारी की शुरुआत है। आगे बढ़ते रहना, रिस्क लेना और ऐसी कहानियाँ सुनाना जो मायने रखती हैं। सपने सच होते हैं, लेकिन तभी जब आपका जुनून हार मानने से इनकार कर दे। यह उन सभी सपने देखने वालों के लिए है जो अभी भी अपने पल का इंतजार कर रहे हैं। कभी भरोसा करना न छोड़ें।”
25 साल बाद ममूटी की बड़ी वापसी
दिग्गज अभिनेता ममूटी ने 25 साल बाद अपना चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्टर ने एक्स हैंडल पर लिखा, “कोडुमोन पॉटी का किरदार मुझे सौंपने के लिए ‘ब्रह्मयुगम’ की टीम और राहुल सदाशिवन का धन्यवाद।” ममूटी ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के अन्य विजेताओं को भी बधाई दी।
कार्तिक आर्यन का सपना हुआ पूरा
एक्टिंग डेब्यू करने के 15 साल बाद कार्तिक आर्यन ने कबीर खान की फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में अपनी परफॉर्मेंस के लिए पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता है। इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं और यह उनमें से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया है। हमेशा आभारी और शुक्रगुजार रहूंगा। बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड – चंदू चैंपियन।”
रणदीप हुड्डा बने सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक
हाल ही में पिता बने रणदीप हुड्डा ‘स्वतंत्र्य वीर सावरकर’ फिल्म के लिए ‘बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर’ का नेशनल अवॉर्ड जीतकर विजेताओं में शामिल हुए। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए रणदीप ने एक बयान में कहा, “‘स्वतंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए ‘बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर’ का नेशनल अवॉर्ड मिलना एक ऐसा पल है जिसे मैं अभी भी समझने की कोशिश कर रहा हूं। इस फिल्म ने मुझसे मेरे अब तक के किसी भी काम से कहीं ज्यादा मेहनत करवाई। इस फिल्म का सफर हर मोड़ पर चुनौतियों से भरा था, लेकिन मुझे खुशी है कि हमने इसे पूरा किया और हर मुश्किल का सामना किया। इन सबके बावजूद हम किसी तरह आगे बढ़ने की हिम्मत जुटाते रहे।”
उन्होंने आगे कहा, “एक एक्टर, को-राइटर और पहली बार डायरेक्टर के तौर पर, मैंने इस फिल्म में अपना सब कुछ लगा दिया क्योंकि मुझे वीर सावरकर की कहानी को ईमानदारी और सच्चाई से कहने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी महसूस हुई। इस फिल्म को बनाने के दौरान हमने जो कुछ भी सहा, वह उनकी जिंदगी और उनके बलिदानों के सामने कुछ भी नहीं है। मैं अपनी पूरी टीम का बहुत आभारीहूं कि उन्होंने इस सपने पर भरोसा किया और हर उतार-चढ़ाव में मेरे साथ खड़े रहे। यह सम्मान हम सभी का है, और मुझे उम्मीद है कि यह ज़्यादा लोगों को खासकर युवा पीढ़ी को वीर सावरकर की विरासत को जानने और उस पर सोचने के लिए प्रेरित करेगा।”
धनुष की दोहरी जीत
धनुष के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में दोहरी जीत का मौका रहा। जहां उन्हें ‘कैप्टन मिलर’ में अपनी एक्टिंग के लिए ‘स्पेशल मेंशन’ मिला, वहीं उनके निर्देशन में बनी फिल्म ‘रायन’ को ‘बेस्ट तमिल फिल्म’ का अवॉर्ड मिला। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्टर-फिल्ममेकर ने एक बयान में कहा, “मैं ‘रायन’ के लिए ‘बेस्ट रीजनल फिल्म’ का नेशनल अवॉर्ड और ‘कैप्टन मिलर’ के लिए नेशनल अवॉर्ड (स्पेशल मेंशन – बेस्ट एक्टर) पाकर सचमुच विनम्र और अभिभूत महसूस कर रहा हूं। मैं सम्मानित नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जूरी और सिलेक्शन कमिटी का दिल से आभारी हूं।
मेरे करियर के दौरान लगातार साथ देने के लिए मैं प्रेस, मीडिया और सोशल मीडिया जगत का भी तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। एक एक्टर के तौर पर यह मेरा तीसरा और डायरेक्टर के तौर पर मेरा पहला नेशनल अवॉर्ड है। मेरे फैंस, जो मेरी ताकत का आधार हैं। उनके बिना यह सब मुमकिन नहीं हो पाता। मैं दिल की गहराइयों से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। ‘कैप्टन मिलर’ के लिए मिला यह सम्मान मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि यह अब तक की मेरी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस है। जिस परफॉर्मेंस को मैं इतना पसंद करता हूं, उसके लिए ‘स्पेशल मेंशन’ मिलना इस सम्मान को और भी खास बनाता है।
पहली बार मिली कोई भी चीज हमेशा यादगार होती है। ‘रायन’ के लिए डायरेक्टर के तौर पर अपना पहला नेशनल अवॉर्ड जीतना एक ऐसा आशीर्वाद है जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, ‘एन्नम पोल वाजक्कई’ हर हर महादेव।”
यह भी पढ़ें: सिंगर तनिष्क बागची का दावा, ‘सैयारा’ के लिए अब तक नहीं मिली 8 लाख रुपये की रॉयल्टी, बाद में पोस्ट किया डिलीट
