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श्रीनगर उपचुनाव में भारी हिंसा में 7 की मौत, मध्‍य प्रदेश में दो जगह हुई गोलीबारी

अधिकारियों के अनुसार हिंसा में 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस गोलीबारी में कई नागरिक भी घायल हो गए।

Author April 9, 2017 8:53 PM
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में गोलीबारी की। (Image Source : PTI)

श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान आज हिंसा हुई तथा सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम सात लोगों की जान चली गयी जबकि मध्यप्रदेश में अटेर विधानसभा चुनाव में दो स्थानों से गोलीबारी की खबर है। हालांकि कर्नाटक, और मध्य प्रदेश के दो दो, पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान और दिल्ली के एक एक विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। पांच राज्यों की आठ विधानसभा सीटों और श्रीनगर लोकसभा सीट पर आज उपचुनाव हुए। श्रीनगर, बडगाम और गांदेरबल जिलों में दो दर्जनों से अधिक स्थानों से पथराव की खबर है, ये तीनों ही जिले श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। इस सीट के मुख्य प्रतिद्वंद्वी नेशनल कांफ्रेंंस और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार फारूक अब्दुल्ला तथा सत्तारूढ़ पीडीपी के उम्मीदवार नजीर अहमद खान हैं। भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाबलों की मदद के लिए सेना बुला ली गयी। भीड़ पथराव कर रही थी। उसने गांदेरबल में पेट्रोल बम फेंककर मतदान केंद्र में आग लगा दी।

अधिकारियों के अनुसार हिंसा में 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस गोलीबारी में कई नागरिक भी घायल हो गए। जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु ने बताया कि इस संसदीय सीट पर महज 6.5 फीसदी मतदान हुआ। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं फिलहाल पुनर्मतदान के बारे में कुछ नहीं कह सकता। यह आंकड़ा करीब 50 या 100 या उससे अधिक मतदान केंद्र हो सकता है।’’ जम्मू कश्मीर में चरारे शरीफ के पखेरपोरा और बडगाम जिले के बीरवाह और छदूरा में दो दो लोगों की मौत हुई। बडगाम जिले में ही मैगाम में एक व्यक्ति की हिंसा में जान चली गयी।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली सरकार की सुचारू ढंग से चुनाव कराने में पूरी तरह विफल रहने को लेकर आलोचना की। मध्यप्रदेश के भी दो स्थानों से गोलीबारी की घटनाओं की खबर है। अटेर विधानसभा सीट के उपचुनाव मेंं कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। हालांकि मध्यप्रदेश चुनाव आयोग ने बूथ पर कब्जे की खबरों से इनकार किया और कहा कि इन घटनाओं के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गयी।

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