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उत्तराखंड के नए सीएम: उत्तर प्रदेश लोकसभा और झारखंड विधानसभा चुनाव जिताने में अहम रोल रहा है त्रिवेंद्र सिंह रावत का, दोस्त कहते हैं ‘पक्का पहाड़ी’

हाल ही में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में बीजेपी को भारी बहुमत मिला था। राज्य की कुल 70 सीटों में से भाजपा के खाते में 57 आई थीं। कांग्रेस को केवल 11 सीट मिली थीं।

उत्तराखंड के नए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत आरएसएस प्रचारक भी रह चुके हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत उस लोगों में से हैं, जिन्होंने छोटी उम्र में ही आरएसएस की शाखा में जाना शुरू कर दिया था और संघ से संस्कारों के साथ वह बीजेपी में शामिल हुए। 56 साल के रावत ने 1979 में आरएसएस जॉइन की थी और 2 साल में ही वह प्रचारक बन गए। उस वक्त उनकी उम्र 21 साल थी। एक प्रचारक अपने परिवार के साथ नहीं रहता और अपना जीवन संघ के कार्यों में समर्पित करता है। 1985 में रावत देहरादून महानगर प्रचारक बन गए और उन्हें बीजेपी में कई जिम्मेदारियां दी गईं। वह 1997-2002 के बीच उत्तराखंड के अॉर्गनाइजिंग सेक्रेटरी रहे। पौड़ी गढ़वास में जन्मे रावत ने अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में की। उन्होंने राज्य के आंदोलन में भी भाग लिया, जिस कारण वह जेल भी गए। उन्होंने देहरादून के डोइवाला से अपने चारों विधानसभा चुनाव लड़े हैं और उनके दोस्त उन्हें ‘पक्का पहाड़ी’ बुलाते हैं।

2002 में विधायक बने रावत ने 2007 के चुनावों में भी जीत हासिल की। बीसी खंडूरी और रमेश पोखरियाल की सरकार में उन्होंने 7 अहम विभाग संभाले, जिनमें कृषि, सिंचाई, मत्स्य पालन, पशुपालन और आपदा प्रबंधन शामिल था। 2012 में जब वह चुनाव हारे तो उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। उनके पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से भी रिश्ते थे, लेकिन दोनों के बीच संबंध और मजबूत तब हुए जब रावत को 2014 के लोकसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश का असिस्टेंट इंचार्ज बनाया गया।

अक्टूबर 2014 में वह झारखंड के इंचार्ज बने, जहां पार्टी को राज्य में अपना पहला बहुमत मिला। आरएसएस से उनके रिश्ते और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से उनकी नजदीकियों की बदौलत ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हुआ है। जब पूछा गया कि आरएसएस से उनके रिश्तों ने कैसे उनका साथ दिया तो उत्तराखंड बीजेपी के इंचार्ज और संघ से ताल्लुक रखने वाले श्याम जाजू ने कहा कि बीजेपी के कई अहम नेता आरएसएस से हैं। अपनी राजनीतिक और सामाजिक जिंदगी में वह संघ के अनुभव को इस्तेमाल करते हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रचारक रहे हैं और हमें इसका गर्व है। हाल ही में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में बीजेपी को भारी बहुमत मिला था। राज्य की कुल 70 सीटों में से भाजपा के खाते में 57 आई थीं। कांग्रेस को केवल 11 सीट मिली थीं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो जगह से चुनाव लड़ा था। वह दोनों जगह हार गए थे।

टीवी में काम करने पर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा- "3 बजे यहां से निकलूंगा, किसी के भी जागने से पहले वापिस आ जाऊंगा", देखें वीडियो ः

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