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तो ‘हताश’ हरीश रावत ने अभी से हार मान ली?

रावत ने कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित महिला सम्मेलन में कहा कि कांग्रेसजनों को हार के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

Author देहरादून | February 28, 2017 4:40 AM
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत

क्या उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 11 मार्च को विधानसभा चुनाव के नतीजे से 13 दिन पहले ही प्रदेश में कांग्रेस की हार मान ली है? यह सवाल उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा में है। हर कोई यही पूछ रहा है कि क्या उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बन रही है और रावत की विदाई तय है? दरअसल रावत ने कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित महिला सम्मेलन में कहा कि कांग्रेसजनों को हार के लिए भी तैयार रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में हमारे पास संसाधनों की भारी कमी थी। पार्टी के पास पोस्टर बैनर छपवाने तक के लिए पैसा नहीं था।  जो रावत विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की जीत के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे। वही रावत मतदान के दस-ग्यारह दिन बाद ही राजनीतिक तौर पर लड़खड़ाते हुए नजर आए और अपने को बेचारे के रूप में पेश करते हुए दिखाई दिए। महिला सम्मेलन में रावत ने बड़े ही नाटकीय अंदाज में अपना भाषण देते हुए महिला कार्यकर्ताओं से बोले कि चुनाव नतीजे जो भी हों हमें स्वीकार करना होगा। चुनाव जीतें या हारें हम दोनों नतीजों के लिए अपने को ढालें।

भावुक होते हुए रावत बोले कि चुनाव नतीजे ही हमारी जिम्मेदारी तय करेंगे कि हम सत्ता पक्ष में रहें या विपक्ष में। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल होने के नाते हमें अपनी भूमिका के लिए तैयार रहना होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए रावत ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि कांग्रेस को जिन्होंने वोट दिया या जिन्होंने वोट नहीं दिया उनके पास कार्यकर्ताओं को पहुंचना होगा और उनका आभार जताना होगा। ताकि अगले चुनाव में हम जनता से सीधा-सीधा संवाद कायम कर सकें। रावत ने कहा कि भाजपा विनाश और विद्वेष की राजनीति करती है। सम्मेलन में रावत टूटे-टूटे नजर आए। उनका मनोबल भी गिरा हुआ दिखाई दिया। रावत ने विधानसभा चुनाव में अपना कमजोर पक्ष जाहिर करते हुए कहा कि हमारी पार्टी बजट के अभाव में अपने उम्मीदवारों का ठीक से प्रचार-प्रसार भी नहीं कर पाई। इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं में एकजुटता दिखाई दी।

 

 

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