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उत्तराखंड चुनाव: मतदान के बाद किसी को दोस्तों का साथ, कोई कर रहा दुश्मनों की शिनाख्त

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और बीजेपी के कुछ नेता चुनावी समीक्षा में जुटे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत। (फाइल फोटो)

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और बीजेपी के कुछ नेता चुनावी समीक्षा में जुटे हैं। वे लोग यह भी संभावना तलाश रहे हैं कि सरकार बनाने के लिए क्या-क्या जोड़-तोड़ करनी पड़ सकती है। कांग्रेस और भाजपा के आला नेताओं की नजर उन निर्दलीय उम्मीदवारों पर टिकी है, जिनके चुनाव जीतने की संभावनाएं मानी जा हैं। इनके अलावा कई नेता चुनावी थकान से उबरने में लगे हैं। कुछ नेता ऐसे हैं जो अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता का आभार जता रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो दिल्ली जाकर अपनी पार्टी की सरकार बनने की उम्मीद में मंत्री बनने के जुगाड़ लगे हैं। कई नेता मंदिरों-मजारों में अपनी जीत की दुआ मांगते फिर रहे हैं।

उत्तराखंड के कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने विधानसभा चुनाव के दौरान सौ से ज्यादा चुनावी सभाएं की थीं। मतदान के बाद वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं का आभार व्यक्त कर रहे हैं। मतदान होने के बाद रावत सबसे पहले अपने गृह जनपद अल्मोड़ा के रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में गए। अपने गांव में रावत ने न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के दरबार में मत्था टेका और फिर से उत्तराखंड में अपनी सरकार बनाने की मन्नत मांगी। अपने पैतृक गांव मोहनरी में रावत ने अपने परिवार के साथ एक धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। रात को रावत अपने गांव में ही रुके और जागर का आनंद उठाया।
अगले रोज रावत अपने बचपन के दोस्तों के साथ गलबहिया करते हुए गांव की पगडंडियां नापीं। रावत अपने बचपन के कई मित्रों के साथ राजकीय इंटर कॉलेज देवली खेत गए, जहां से उन्होंने दसवीं पास की थी। रावत ने वहां के छात्रों के साथ कुछ समय बिताया। फिर गांव में अपनी आमा, काका, काकी और बूबू से मिले। उन्होंने अपने बचपन के मित्रों के घर पहाड़ी खाने का लुत्फ उठाया।

भाजपा के दिग्गज नेता और बागी कांग्रेसियों के सूत्रधार विजय बहुगुणा अपने बेटे सौरभ बहुगुणा के विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में मतदान संपन्न होने के बाद सीधे दिल्ली रवाना हो गए। जहां बहुगुणा ने भाजपा हाईकमान के कई आला नेताओं से भाजपा सरकार बनाने रणनीति पर चर्चा की। बहुगुणा अपने बेटे सौरभ बहुगुणा की जीत को लेकर बेहद आश्वस्त नजर आ रहे हैं। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट अपने विधानसभा क्षेत्र रानीखेत से चुनाव निपटाने के बाद देहरादून प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ दिन बिताया। अपनी आदत के मुताबिक, उन्होंने रावत सरकार पर तीखे हमले किए और सूबे में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। भट्ट ने हरिद्वार के कनखल में शिव की ससुराल जाकर दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-आर्चना की।
चौबट्टाखाल विधानसभा का चुनाव लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल महाराज ने देहरादून आकर डेरा डाल लिया है। वे देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में जाकर भाजपा के कार्यकर्ताओं से मिले और चुनाव में जीत का दावा करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। भाजपा में माना जा रहा है कि सतपाल महाराज भाजपा सरकार बनने पर मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसलिए उनसे मिलने के लिए रात के अंधेरे में कुछ आला अफसर भी उन्हें सलाम ठोकने के लिए उनके घर पर आए।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने अपने विधानसभा क्षेत्र सहसपुर में चुनाव का कामकाज निपटाने के बाद फिर से पार्टी के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में अपना डेरा डाल लिया है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। साथ ही चुनावी समीक्षा किए जाने का ऐलान किया। वहीं कांग्रेस की सबसे वरिष्ठ नेता और सूबे की वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश अपने विधानसभा क्षेत्र हल्द्वानी से देहरादून पहुंचीं और सरकारी आवास में पार्टी के कार्यकर्ताओं और कुछ सरकारी अफसरों से मिलीं। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए इंदिरा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार कांग्रेस की बन रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने से पहले इंदिरा ने सरकारी घर में बने अपने पूजा घर में घंटों पूजा कीं। वहीं, भाजपा के विधानसभा में सचेतक पूर्व मंत्री मदन कौशिक ने अपने परिवारों वालों के साथ गंगा पूजन किया। फिर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार करने चले गए। पार्टी के राष्टÑीय नेताओं के बीच अपनी पैठ बनाने के जुगाड़ में कौशिक लगे हैं। ताकि भाजपा सरकार बनने पर भारी-भरकम विभाग उनके हाथ लग जाए।

 

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