ताज़ा खबर
 

यूपी: गठबंधन में फिर पेंच? कैराना ले लो पर ये सीटें दे दो, सपा-बसपा से रालोद की बड़ी मांग

मथुरा सीट का प्रतिनिधित्व रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कर चुके हैं। 2014 में उन्हें भाजपा की हेमा मालिनी ने शिकस्त दी थी।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) शनिवार (12 जनवरी) को साझा प्रेस कॉन्फ्रेन्स करने वाले हैं। माना जा रहा है कि यूपी में महागठबंधन के तहत सीट बंटवारे का एलान इस दौरान हो सकता है। इस बीच महागठबंधन के दूसरे घटक दल राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने सपा-बसपा से कैराना सीट वापस करने और बदले में छह सीटें देने की मांग की है। बता दें कि छह महीने पहले ही उप चुनाव में रालोद ने कैराना सीट पर जीत दर्ज की थी। चुनाव से पहले तबस्सुम हसन ने सपा से इस्तीफा देकर रालोद ज्वाइन किया था और कैराना जीतकर 16वीं लोकसभा में यूपी से पहली मुस्लिम सांसद बनी थीं। तबस्सुम ने बीजेपी की मृगांका सिंह को करीब 50 हजार वोटों से हराया था। मृगांका सिंह के पिता हुकुम सिंह के निधन से यह सीट खाली हुई थी। इससे पहले सपा-बसपा गठबंधन ने गोरखपुर और फुलपुर संसदीय सीटों पर भी उप चुनाव जीता था।

टीओआई के मुताबिक रालोद ने कैराना के बदले महागठबंधन से मुजफ्फरनगर सीट की मांग की है। रालोद सूत्रों का तर्क है कि मुजफ्फरनगर सीट पर रालोद के कोर वोटर यानी जाट मतदाताओं की संख्या अधिक है जबकि कैराना में गुर्जर मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। अगर ऐसा हुआ तो तबस्सुम हसन फिर से कैराना सीट पर चुनाव लड़ सकती हैं लेकिन इस बार उनका चुनाव चिह्न साइकिल हो सकता है। रालोद ने मुजफ्फरनगर के अलावा मथुरा, बागपत, अमरोहा, बिजनौर और बुलंदशहर सीटें मांगी है। इन सीटों पर जाट मतदाताओं का प्रभाव है।

बता दें कि मथुरा सीट का प्रतिनिधित्व रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कर चुके हैं। 2014 में उन्हें भाजपा की हेमा मालिनी ने  शिकस्त दी थी। जयंत 2019 के लिए यहां से चुनावी तैयारियां शुरू कर चुके हैं। बुधवार (09 जनवरी) को मथुरा के कोसी कलां से रालोद अध्यक्ष अजित चौधरी भी चुनावी अभियान की शुरुआत कर चुके हैं। सूत्र बता रहे हैं कि सपा-बसपा गठबंधन रालोद के लिए मथुरा और बागपत सीट छोड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सपा-बसपा 37-37 सीटों पर लड़ेगी जबकि दो कांग्रेस के लिए और दो भाजपा के बागियों के लिए रिजर्व रखा जा सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App