ताज़ा खबर
 

श्‍मशान-कब्र‍िस्‍तान की बात से ऐन पहले योगी आदित्‍य नाथ को अमित शाह ने बुलाया था द‍िल्‍ली, द‍िया था 40 सीटें ज‍िताने का टारगेट

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि दूसरे फेज के चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें कुछ जरूरी चुनावी मुद्दों पर चर्चा के लिए अचानक दिल्ली बुला लिया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ। ( फोटो: PTI )

योगी आदित्य नाथ ने इस बात का खुलासा किया है कि प्रदेश के विधानसभा चुनावों के बीच में अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया था। योगी ने बताया कि उन्हें ठीक से तारीख तो याद नहीं है लेकिन शायद दूसरे फेज़ के चुनाव होने के बाद ही उन्हें चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली तलब किया गया था। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि 19 मार्च से एक या दो दिन पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आदित्यनाथ को चुनावी मुद्दों पर चर्चा के लिए अचानक बुला लिया था। योगी ने ये बातें रविवार को अपने गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में कहीं।

आपको बता दें कि 19 मार्च वही तारीख है जब प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पहली बार श्मशान और कब्रिस्तान का मुद्दा उठाया था। अपनी इस चुनावी रैली में प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए। मोदी के इस बयान को चुनावों के दौरान धर्मगत ध्रुवीकरण के सबसे बड़े बयान के तौर पर देखा गया।

HOT DEALS
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback
  • Apple iPhone 7 128 GB Jet Black
    ₹ 52190 MRP ₹ 65200 -20%
    ₹1000 Cashback

अब सवाल उठता है कि क्या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की उस गुप्त मीटींग के बाद ही ध्रुवीकरण के नाम पर वोट बटोरने की मुहिम शुरू की गई। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमित शाह ने दिल्ली से फोन कर उनसे कहा कि चुनावों में हमारा प्रदर्शन वैसा नहीं जा रहा है जैसा जाना चाहिए। बकौल योगी अमित शाह ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए उन्हें दिल्ली एक जरूरी मीटींग के लिए बुला लिया।  यूपी के सीएम ने ये भी बताया कि उस मीटींग में अमित शाह ने उनसे पूर्वांचल में हिंदू बाहुल्य विधानसभाओं की संख्या पूछी। योगी के अनुसार उन्होंने जब अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताया कि 62 ऐसा विधानसभाएं हैं जहां पर हिंदू बहुमत में हैं तो उन्होंने मुझे इन 62 में से 40 सीटों पर किसी भी हाल में जीत हासिल करने का टार्गेट सौंपा।

योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने उस आग को हवा दे दी है कि भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वांचल के हिंदू मतदाताओं के ध्रुवीकरण की नीति अपनाई। सवाल तो पहले से ही उठते आ रहे थे कि कहीं प्रधानमंत्री का श्मशान- कब्रिस्तान वाला बयान इसी नीति के तहत तो नहीं है। इस बात को और भी बल तब मिला था जब उन्होंने अपनी एक और रैली में ये बात कह धी कि मुसलमान मोहल्लों में हिंदू मोहल्लों से ज्यादा बिजली मिल रही है।

फिलहाल भाजपा की रणनीति जो भी रही हो आज भाजपा गठबंधन 403 में से 325 सीटें जीत कर उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज है। लेकिन अंग्रेजी वेबसाइट दे टेलीग्राफ में छपे योगी आदित्यनाथ के इस खुलासे की खबर से इस बात को हवा जरूर मिल रही है कि प्रधानमंत्री का श्मशान कब्रिस्तान वाला बयान एक सोची समझी रणनीति का ही हिस्सा थी।

VIDEO: योगी आदित्यनाथ इन तस्वीरों पर भी गौर कर लेते तो गैरभाजपाई वोटर्स भी हो जाते मुरीद

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App