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कर्ज माफी के वादे में उलझी योगी आदित्‍य नाथ सरकार, दो सप्‍ताह बाद भी नहीं बुलाई कैबिनेट की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार के दौरान किसानों के कर्ज को माफ करने के वादे को निभाने के लिए यह समय लिया जा रहा है।

Author Updated: April 2, 2017 1:57 PM
yogi adityanath, UP cabinet meeting, farmer loan waiver, UP loan waiver scheme, BJP, Uttar pradesh government, adityanath govt, UP farmers, farmer uttar pradesh, UP news यूपी में दो करोड़ छोटे और सीमान्‍त किसान हैं और इन पर लगभग 62 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है।

उत्‍तर प्रदेश में योगी आदित्‍य नाथ के नेतृत्‍व में भाजपा सरकार को बने दो सप्‍ताह हो चुके हैं लेकिन अभी तक कैबिनेट की बैठक नहीं हुई है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार के दौरान किसानों के कर्ज को माफ करने के वादे को निभाने के लिए यह समय लिया जा रहा है। मोदी ने चुनाव प्रचार के समय कहा था कि भाजपा सरकार बनने पर कैबिनेट की पहली मीटिंग में कर्ज माफी का फैसला ले लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि कुछ अफसरों ने सुझाव दिया कि कैबिनेट अपनी मीटिंग में इस पर फैसला ले लें और फिर बाद में इस पर नीति बना ली जाए। लेकिन आदित्‍य नाथ ने कहा कि एक बार नीति बनने के बाद इस पर फैसला लिया जाए ताकि कोई अड़चन ना आए।

योगी के आदेश के बाद वरिष्‍ठ अफसरों ने इस योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सभी लघु एवं सीमांत किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया था। राज्‍य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया, ”इस तरह के निर्णय जल्‍दबाजी में नहीं लिए जाते। मैं भरोसा दिलाता हूं कि फैसला जल्‍द ही लिया जाएगा और काफी सारे किसानों को इसका फायदा होगा।” कुछ जानकारों का कहना है कि कर्ज माफी का राज्‍य के राजकोष पर काफी वजन पड़ेगा और इसे एक वित्‍तीय वर्ष में वहन करना राज्‍य सरकार के बूते से बाहर है। सूत्रों के अनुसार, वित्‍त विभाग की गणना के अनुसार, यूपी में दो करोड़ छोटे और सीमान्‍त किसान हैं और इन पर लगभग 62 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है।

योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व में यूपी सरकार कैबिनेट मीटिंग के बिना ही अभी तक आदेश जारी कर रही है। उसने एंटी रोमियो स्‍क्‍वैड, स्‍वच्‍छता अभियान को लेकर आक्रामक रूख अपनाया है। साथ ही अवैध बूचड़खानों पर भी कार्रवाई की गई है। इसके चलते सूबे में मांस की दिक्‍कत हो गई थी और मांस कारोबारियों ने हड़ताल भी की थी। सरकार की ओर से कहा गया था कि लाइसेंस वाले बूचड़खाने काम करते रहेंगे। इसके बाद हड़ताल वापस ली गई थी। आदित्‍यनाथ ने सीएम बनने के बाद गोरखपुर में अपनी पहली सभा में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए अनुदान राशि बढ़ाने का ऐलान किया था।

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