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उत्तर प्रदेश चुनाव: अंतिम चरण में वाराणसी बनी रणभूमि, सोशल मीडिया से लेकर रैलियों तक सभी पार्टियों ने झोंकी ताकत

अंतिम दो चरणों के चुनाव में भगवा पार्टी का काफी कुछ दांव पर लगा हुआ है। ये चुनाव चार मार्च और आठ मार्च को होने वाले हैं।

Author लखनऊ | March 2, 2017 15:42 pm
जालौन के उरई में रैली को संबोधित करते पीएम मोदी। (Source: ANI)

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। अगले चरण के मतदान के लिए राजनैतिक पार्टियों ने अपना ध्यान धार्मिक शहर वाराणसी पर लगा दिया है। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोक सभा क्षेत्र है। अंतिम दो चरणों के चुनाव में भगवा पार्टी का काफी कुछ दांव पर लगा हुआ है। ये चुनाव चार मार्च और आठ मार्च को होने वाले हैं। इन चरणों के लिए अब चुनावी रणभूमि वाराणसी बन गई है। यहां चुनाव प्रचार का जिम्मा केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को सौंपा गया है, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं देने के कारण नेताओं में उपजे असंतोष को दूर करने का भी लक्ष्य है। इस क्षेत्र के 89 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 14 जिलों में चार मार्च और आठ मार्च को मतदान होगा। प्रधानमंत्री जौनपुर, मिर्जापुर और वाराणसी में क्रमश: तीन, चार और पांच मार्च को जनसभा को संबोधित करेंगे। सपा-कांग्रेस गठबंधन ने भी अपना ध्यान वाराणसी पर केंद्रित कर दिया है और इसके अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनके दल के सदस्य वाराणसी क्षेत्र-विशेष रणनीति बनाने में व्यस्त हैं।

भाजपा और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए सपा-कांग्रेस ने ‘दर्द-ए-बनारस’ अभियान चलाया है, जिसमें वह मोदी के ‘झूटे वादे करने और काम नहीं करने ’ के मुद्दे को उठा रहे हैं। प्रशांत किशोर (पीके) की टीम ने तीन वीडियो जारी किए हैं जो कि दो मिनट से कम के है। इन वीडियो को रथ और वीडियो वैन से पूरे वाराणसी में दिखाया जा रहा है। प्रशांत का दावा है कि अब तक यह वीडियो दो लाख फेसबुक और वाट्स एप्प उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुका है। टीम के स्वयं सेवी हर दरवाजे पर जाकर पर्चा और पोस्टर के माध्यम से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। स्वंय सेवी मतदाताओं को अखिलेश यादव का पत्र भी दे रहे हैं। मुख्य नेता संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव की टीम वाराणसी में रोड शो का आयोजन कर सकती है। दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेता वाराणसी में डेरा डाले हुए हैं ताकि वह भाजपा की रणनीति पर नजर रख सकें।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। वह वाराणसी की यात्रा लगातार कर रहे हैं और पिछले सप्ताह रणनीति तैयार करने के लिए उन्होंने पांच रातें वाराणसी में बिताई। भाजपा के अनुसार, पहली बार भाजपा ने चौका घाट के निकट न्यू मीडिया केंद्र स्थापित किया है, जहां कम से कम एक केंद्रीय मंत्री नियमित मीडिया कर्मियों को मोदी की उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए संबोधित करते हैं। हालांकि पार्टी ने काशी क्षेत्र के गुलाम बाग क्षेत्र के मुख्यालय में वॉर रूम भी तैयार किया है। यहां पार्टी के कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की योजनाओं की सोशल मीडिया के जरिए जानकारी फैलाने का काम सौंपा जाता है। पिछले सप्ताह तक केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, रवि शंकर प्रसाद, कलराज मिश्र, उमा भारती, अनंत कुमार, स्मृति ईरानी, नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल, महेंद्र नाथ पांडे्य, संतोष गंगवार, कृष्ण राज और अनुप्रिया पटेल इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। बसपा प्रमुख मायावती भी इन क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और एक दिन में तीन से चार रैलियों को संबोधित कर रही हैं।

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