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यूपी चुनाव: मुस्लिमों पर ऐसे पकड़ मजबूत करेगी बसपा, एक दर्जन मौलवियों को प्रचार में लगाया

यूपी विधानसभा चुनाव में अपने आपको मजबूत बनाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मौलवियों का सहारा ले रही है।

Author January 18, 2017 09:41 am
बसपा के महासचिव नसीमउद्दीन सिद्दकी शिया मौलवी कलबे जावेद के साथ लखनऊ में।

यूपी विधानसभा चुनाव में अपने आपको मजबूत बनाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मौलवियों का सहारा ले रही है। इसके जरिए मायावती राज्य के मुस्लिम वोटरों को रिझाना चाहती हैं। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि लगभग एक दर्जन मौलवी ऐसे हैं जो कि इन दिनों बसपा की मीटिंग्स और रैलियों में जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ऐसा पश्चिमी और मध्य यूपी के वोटर्स को रिझाने के लिए किया जा रहा है। इस बार बसपा के कैंपेन की कमान पार्टी के महासचिव नसीमउद्दीन सिद्दकी के हाथ में है। उन्होंने ही मौलानाओं-मौलवियों को अपने साथ शामिल किया है। मीटिंग्स में लगातार मौलवी अपनी बात कह रहे हैं। बसपा ने इस बार 97 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट भी दिया है। लेकिन बसपा के लिए यह सब इतना आसान नहीं होने वाला।

बसपा के लिए आसान नहीं मुसलमानों को भरोसा जीतना: बसपा के लिए मुसलमानों को भरोसा दिलाना आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि बसपा पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से गठबंधन कर चुकी है। इस वजह से मुसलमानों का उसपर भरोसा कम ही है। 2014 में बसपा ने जामा मस्जिद के शाही इमाम सय्यद अहमद बुखारी से समर्थन मांगा था लेकिन पार्टी आने वाले वक्त में गठबंधन को लेकर साफ नहीं थी। इस वजह से उन्हें समर्थन नहीं मिला था। वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की मुस्लिम मौलवियों से अच्छी बनती है। उनमें बुखारी के साथ-साथ जमात उलेमा ए हिंद के मौलाना अरशद मदनी शामिल हैं।

गठबंधन बनेगा बसपा के लिए चुनौती: समाजवादी पार्टी में हुई कलह में जीत अखिलेश की हुई। इसके बाद कांग्रेस और अखिलेश ने ऐलान किया है कि दोनों पार्टी साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। ऐसे में बसपा और बीजेपी दोनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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