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यूपी की इस सीट पर आरएसएस विचारधारा वाले संगठन ही कर रहे बीजेपी उम्मीदवार का विरोध, हिन्दू जागरण मंच ने बांटे पर्चे

हिंदू देवी-देवताओं पर मौर्य द्वारा किए गए कमेंट्स उन्हीं के लिए मुसीबत बन गए हैं।

Author Updated: February 28, 2017 11:24 AM
बीजेपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पहले बीएसपी में थे।

स्वामी प्रसाद मौर्य मायावती के लिए करीबी रहे और अब वह बीजेपी के साथ हैं। लेकिन उन्हें जिताने के लिए अब बीजेपी के सामने ही चैलेंज खड़ा हो गया है। संघ परिवार का बंट जाना बीजेपी और मौर्य के सामने परेशानी का सबब बन रहा है। हिंदू देवी-देवताओं पर मौर्य द्वारा किए गए कमेंट्स उन्हीं के लिए मुसीबत बन गए हैं। इसी को लेकर कुशीनगर जिले की पदरौना सीट में हिंदू जागरण मंच के नाम से पैम्फलेट बांटे जा रहे हैं, जिसमें मौर्य पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक बार कहा था, ब्राह्मण मनुवादी विचारधारा को मानते हैं और हिंदू धर्म में इंसानों के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस और सपा गठबंधन इस चीज से खुश है, क्योंकि वह मौर्य पर हिंदू विरोधी होने का ठप्पा लगा सकती है।

हिंदू युवा वाहिनी का यह छोटा गुट गोरखपुर और उसके आसपास दर्जनभर सीटों पर चुनाव लड़ रहा है और इसके मुख्य संरक्षक योगी आदित्यनाथ का यहां खासा दबदबा है। उनका यह तरीका बीजेपी आलाकमान को खफा कर सकता है। आदित्यनाथ ने पहले ही युवा वाहिनी के राज्य अध्यक्ष सुनील सिंह को बर्खास्त कर चुके हैं। इसके अलावा मौर्य के सामने कुछ विद्रोही भी हैं, जिसमें 6 बार पदरौना से सांसद रहे राम नगीना मिश्रा के बेटे परशुराम मिश्रा हैं। हिंदू जागरण मंच के गोरखपुर प्रांत के संयोजक राजा त्रिपाठी मानते हैं कि पैम्फलेट के स्रोत मंच में कुछ असंतुष्ट तत्व हैं। उन्होंने कहा कि हमने कुछ लोगों के खिलाफ हमारी संस्था को बदनाम करने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है। मंच के सूत्र कहते हैं कि जिला प्रभारी और आरएसएस से जुड़े संजय जायसवाल पदरौना सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन मौर्य के बीजेपी में आने के बाद उन्हें टिकट नहीं दिया गया।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में त्रिपाठी ने कहा, कोई है जो जायसवाल और हमारे जिला अध्यक्ष आशुतोष ऋषि श्रीवास्तव के खिलाफ पर्चे बांट रहा है, ताकि मौर्य खफा हों व सवाल उठाएं और मंच उनके खिलाफ एक्शन ले। यह ऋषि और जायसवाल को बदनाम करने की एक समूह की साजिश है। डैमेज कंट्रोल के लिए बीजेपी ने अपने कई बड़े नेताओं को भेजा है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पदरौना का दौरा किया था। युवा वाहिनी सेना से निकाले गए सुनील सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मौर्य ने हिंदू धर्म के बारे में गलत टिप्पणियां की थीं और वह चुनाव से जुड़े मुद्दे थे। इसके बाद बीजेपी को मौर्य की बातों पर सफाई देनी पड़ी थी।

अखिलेश यादव ने कहा, "मायावती बीजेपी के साथ कभी भी मना सकती हैं रक्षा बंधन", देखें वीडियो ः

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