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उत्तर प्रदेश चुनाव: छठे चरण के लिए 2 मार्च को थम जाएगा प्रचार, 49 सीटों पर 635 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर

वर्ष 2012 में इन सीटों में से सपा ने 27, बसपा ने नौ, भाजपा ने सात तथा कांग्रेस ने चार सीटें जीती थी, जबकि दो सीटें अन्य के खाते में गयी थीं।

Author लखनऊ | March 1, 2017 3:42 PM
एक चुनाव रैली को संबोधित करते भाजपा के राष्ट्रीय अमित शाह। ( Photo Source: PTI/File)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के सात जिलों की 49 सीटों के लिये प्रचार कार्य गुरुवार (2 मार्च) को थम जाएगा। इस चरण में भाजपा के हिन्दुत्ववादी नेता सांसद महन्त आदित्यनाथ के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर और माफिया-राजनेता मुख्तार अंसारी के क्षेत्र मऊ तथा केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र के संसदीय क्षेत्र देवरिया में चुनाव पर खास नजर रहेगी। छठे चरण में नेपाल से सटे महराजगंज और कुशीनगर के साथ-साथ गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ तथा बलिया जिलों की 49 सीटों पर आगामी चार मार्च को मतदान होगा। इस चरण में 77 लाख 84 हजार महिलाओं समेत करीब एक करोड़ 72 लाख मतदाता कुल 635 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर सकेंगे। इसके लिये 17 हजार 926 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।

वर्ष 2012 में इन सीटों में से सपा ने 27, बसपा ने नौ, भाजपा ने सात तथा कांग्रेस ने चार सीटें जीती थी, जबकि दो सीटें अन्य के खाते में गयी थीं। इस चरण में सबसे ज्यादा 23 उम्मीदवार गोरखपुर सीट पर मैदान में हैं, जबकि सबसे कम सात उम्मीदवार मऊ जिले की मोहम्मदाबाद गोहना सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आजमगढ़ में विधानसभा की 10 सीटें हैं। वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने इनमें से नौ सीटें जीती थीं। हालांकि मुलायम ने इस बार आजमगढ़ में एक भी रैली को सम्बोधित नहीं किया है। छठे चरण में सांसद आदित्यनाथ के अलावा केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र की प्रतिष्ठा भी दांव पर होगी।

छठे चरण में होने वाले चुनाव में प्रमुख उम्मीदवारों में बसपा छोड़कर भाजपा में आये स्वामी प्रसाद मौर्य (पडरौना), भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही (देवरिया), पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव के बेटे श्याम बहादुर यादव (फूलपुर पवई), सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी (फेफना) और नारद राय (बलिया सदर) शामिल हैं। इसके अलावा मऊ से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, उनके बेटे अब्बास अंसारी (घोसी) की परीक्षा भी इसी चरण में होगी। प्रदेश का विधानसभा चुनाव सात चरणों में होगा। आखिरी चरण का चुनाव आठ मार्च को होगा। नतीजे 11 मार्च को आएंगे

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