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UP चुनाव: आधा दर्जन बाहुबली अर्श से फर्श पर, प्रधानमंत्री की अपील का दिखा जनता पर असर

इस बार के विधानसभा चुनाव में न ही ऐसे तमाम बाहुबलियों का बल ही चला और न ही भय दिखाकर वे मतदाताओं को मोहित कर सके।

Author लखनऊ | March 13, 2017 12:43 AM
मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगातार तीन दिन तक प्रचार किया। वहां पर उन्‍होंने तीन रोड शो और तीन रैलियां की।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बाहुबलियों को सबक सिखाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील का जनता पर गहरा असर हुआ। यही वजह रही कि इस बार अधिकांश बाहुबली विधायकों को जनता से मुंह की खानी पड़ी। इस बार के विधानसभा चुनाव में न ही ऐसे तमाम बाहुबलियों का बल ही चला और न ही भय दिखाकर वे मतदाताओं को मोहित कर सके। पहले बात फैजाबाद से ताल्लुक रखने वाले माफिया अभय सिंह की। 2012 में अभय सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर फैजाबाद की गोसार्इंगंज विधानसभा सीट से विधायक हुए। उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट सहित विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। बाहुबलियों को टिकट न देने के उस वक्त अखिलेश यादव के बयान के बावजूद अभय सिंह को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया और वे पांच सालों तक विधायक भी रहे। लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में उन्हें जनता ने नकार दिया। भाजपा के खब्बू तिवारी के हाथों उन्हें करारी शिकस्त मिली।

उधर सैय्यदराजा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी बाहुबली विनीत सिंह को भी भाजपा के हाथों करारी शिकस्त मिली। झारखंड में अपहरण की एक वारदात समेत विनीत सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे रांची की जेल में कैदी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में जिन तीसरे बाहुबली को मुंह की खानी पड़ी वे हैं फैजाबाद की बीकापुर सीट से प्रत्याशी जीतेंद्र सिंह। हत्या, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न आपराधिक वारदातों के एक दर्जन से अधिक मामले इन पर दर्ज हैं। जीतेंद्र को भी भारतीय जनता पार्टी के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। बहुजन समाज पार्टी से सांसद और विधायक रहे धनंजय सिंह इस बार निषाद पार्टी से जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट पर लड़ रहे थे। नौकरानी की हत्या के मामले में जमानत पर छूटे धनंजय सिंह बाकी पेज 8 पर को समाजवादी पार्टी के पारसनाथ यादव ने करारी शिकस्त दी। बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर गाजीपुर की जमनिया सीट से चुनाव मैदान में उतरे अतुल राय पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न अपराधिक धाराओं में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वे भी चुनाव हार गए। कुछ ऐसा ही हाल सुल्तानपुर की इसौली विधानसभा सीट पर बाहुबली मोनू सिंह का भी हुआ। उन पर हत्या के प्रयास समेत 11 मामले दर्ज हैं। सपा प्रत्याशी के हाथों उन्हें शिकस्त मिली।

 

 

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