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उत्तर प्रदेश चुनाव: आखिरी प्रचार रैली में नरेंद्र मोदी का 45 मिनट लंबा भाषण, सपा-कांग्रेस और बसपा को हराने की पुरज़ोर अपील

सातवें और आखिरी चरण के लिए मतदान आठ मार्च को होगा और चुनाव नतीजों की घोषणा 11 मार्च को होगी।
Author वाराणसी | March 7, 2017 17:46 pm
वाराणसी के रोहनिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (पीटीआई फोटो/6 मार्च, 2017)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उप्र विधानसभा चुनाव के लिए अपने व्यस्त चुनाव प्रचार अभियान को संपन्न करते हुए सोमवार (6 मार्च) को मतदाताओं से सपा-कांग्रेस गठजोड़ और बसपा को हराने की पुरजोर अपील की और इन पार्टियों को उत्तर प्रदेश की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया। शहर से 25 किलोमीटर दूर रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के खुशीपुर गांव में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने राज्य में भाजपा के सत्ता में आने पर किसानों की कर्ज माफी का वादा दोहराया और पुलिस बल की बेहतरी की बात कही। उन्होंने खुद को एक ऐसा व्यक्ति बताया, जिसने गरीबी को झेला है और कहा कि इसलिए वह गरीबों की स्थिति बेहतर करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य देश में हर परिवार को 2022 तक मकान मुहैया कराना है, जब देश स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ मनाएगा।

मोदी ने अपना दल और भारतीय समाज पार्टी का खास जिक्र करते हुए अपना 45 मिनट लंबे भाषण शुरू किया। ये पार्टियां भाजपा के साथ 403 सदस्यीय विधानसभा की 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। अपना दल का कुर्मी समुदाय में जनाधार है जबकि भारतीय समाज पार्टी बसपा से टूट कर अलग होने के बाद बना और उसका गठन कभी मायावती के विश्वस्त रहे ओम प्रकाश राजभर ने किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों की बेहतरी पर और उनकी क्रय शक्ति में बेहतरी पर बहुत ज्यादा निर्भर है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठा रही है कि कृषि से जुड़े लोगों की आय 2022 तक दोगुनी हो जाए।

मोदी ने एक योजना के बारे में भी बात की, जिसके तहत देश में पांच करोड़ गरीब परिवारों को 2019 तक मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाना है। उन्होंने अखिलेश यादव नीत सरकार पर बरसते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में 50-60 फीसदी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में हैं लेकिन उप्र में सिर्फ 14 फीसदी कृषक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘भाई भतीजावाद और भ्रष्टाचार’ को लेकर राज्य की सपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने निचले स्तर पर भर्तियों के लिए साक्षात्कार खत्म करने का फैसला किया। इसका लक्ष्य गड़बड़ी रोकना है।’ लेकिन अखिलेश यादव कोई इशारा नहीं समझना चाहते क्योंकि उनका लक्ष्य भ्रष्टाचार को पनपने देना है।

मोदी ने कहा कि उप्र के लोगों को ‘बुआ और भतीजा’, दोनों से सावधान रहना चाहिए। सिर्फ भाजपा ही राज्य में कानून व्यवस्था बहाल कर सकती है जहां महिलाएं परिवार के किसी पुरुष सदस्य के बगैर अपने घरों से बाहर निकलने में डरती हैं। प्रधानमंत्री रैली के बाद नई दिल्ली लौट गए। वहीं, आखिरी चरण के मतदान के लिए प्रचार आज खत्म हो गया। इससे पहले वह गढ़वा घाट आश्रम गए। भक्ति परंपरा के इस संप्रदाय का नेतृत्व स्वामी शरणानंद कर रहे हैं। यादव जाति के लोग इस संप्रदाय के काफी संख्या में अनुयायी हैं जो परंपरागत रूप से सपा के समर्थक हैं। मोदी गढ़वा घाट से रामघाट गए जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मूर्ति को पुष्पांजलि अर्पित की और उस मकान में कुछ मिनट बिताए जहां शास्त्री जी का बचपन बीता था।

सातवें और आखिरी चरण के लिए मतदान आठ मार्च को होगा और चुनाव नतीजों की घोषणा 11 मार्च को होगी। तेरह मार्च को मनाई जा रही होली के त्योहार का जिक्र करते हुए मोदी ने काशी के लोगों से उचित तरीके से मतदान करने का अनुरोध किया ताकि दो दिन पहले ही 11 मार्च को उप्र में होली मनाई जा सके। प्रधानमंत्री का भाषण एक मौके पर कुछ मिनट के लिए बाधित भी हुआ जब युवाओं के बीच ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए जाने से उनका ध्यान भटक गया। प्रधानमंत्री ने उनसे शांत रहने को कहा और रैली को शूट कर रहे कैमरामैन से उन पर अपना लेंस फोकस नहीं करने को कहा। मोदी ने अपनी सरकार के गरीब समर्थक और किसान समर्थक कदमों के बारे में विस्तार से बात की जिसमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने इसकी तुलना डॉक्टरों द्वारा दवा लिखने से पहले पैथोलॉजिकल जांच कराए जाने की सलाह से की। मोदी ने कहा, ‘हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रमाणित, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज किसानों को उपलब्ध हो ताकि उन्हें कालाबाजार से दोयम दर्जे के बीज नहीं खरीदने पड़े।’ उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पानी के पंप सूख गए हैं उन्हें मुफ्त में नया पंप मुहैया किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता से मेहनकश किसान अपने खेतों को सोने की खान के रूप में तब्दील करने में सक्षम होंगे। उन्होंने नीम के लेप वाले यूरिया के बारे में भी बात की जिसने यह सुनिश्चित किया है कि उवर्रक पर्याप्त रूप से किसानों के लिए उपलब्ध रहे। दरअसल, इसने कृषि के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसके दुरुपयोग की संभावना खत्म कर दी है।

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