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सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट न दें मुसलिम : कल्बे जव्वाद

मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के आरोप में अदालतों से बरी हुए मुसलिम नौजवानों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर साबित किया है कि वह मुसलिम विरोधी हैं।
Author लखनऊ | January 31, 2017 01:44 am
मौलाना यासूब अब्बास आॅल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष कल्बे सादिक को आधुनिक निकाहनामा सौंपते हुए। (Photo Source: Express Photo by Pramod Adhikari)

उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के वरिष्ठ काबीना मंत्री आजम खां से अपने तल्ख रिश्तों के लिए चर्चा में रहे शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने सोमवार को प्रदेश की जनता खासकर मुसलमानों से राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठित सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट न देने की अपील की। मौलाना जवाद ने सुन्नी शिया एकता फ्रंट की प्रेस कांफ्रेंस में आरोप बाकी पेज 8 पर लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा से मुसलमानों की जड़ें काटने का काम किया है जबकि राज्य में सपा की मौजूदा सरकार ने मुसलिम कौम को धोखे के सिवा कुछ नहीं दिया है। अब ये दोनों पार्टियां साथ मिल कर चुनाव लड़ने जा रही हैं, लिहाजा प्रदेश की जनता, खासकर मुसलमानों से अपील है कि वे सपा-कांग्रेस के गठबंधन को वोट न दें। यह पूछे जाने पर कि वह मुसलमानों से किस पार्टी को वोट देने की अपील करेंगे, इस पर फ्रंट के संरक्षक जवाद ने कहा कि अभी इस बारे में ‘बात हो रही है’ और वह दो-तीन दिन बाद इस बारे में कोई फैसला करेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सरकार ने मुसलमानों को सिर्फ फसाद और कब्रिस्तान दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के आरोप में अदालतों से बरी हुए मुसलिम नौजवानों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर अपने पिता मुलायम सिंह यादव के इस आरोप को साबित किया है कि वह मुसलिम विरोधी हैं। इस सवाल पर कि क्या वह मुसलमानों से बसपा के पक्ष में वोट की अपील करेंगे, आल इंडिया मुसलिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना जवाद ने कहा कि अभी वह इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे।मौलाना जवाद के प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां से खासे तल्ख रिश्ते हैं। खासकर वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर दोनों के बीच काफी द्वंद्व देखा गया था।

 

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