ताज़ा खबर
 

मायावती ने भाजपा को बताया ‘भारतीय जुमला पार्टी’, कहा- मोदी जाएंगे गुजरात, जनता ‘खुद की बेटी’ को सौंपेगी बागडोर

सपा मुखिया ने सपा पर तीखे तीर चलाते हुए कहा कि इस बार सपा के ‘बबुआ’ (अखिलेश) को ठीक करने के लिए उनके चाचा शिवपाल ही काफी हैं।

Author सोनभ्रद (उत्तर प्रदेश) | March 1, 2017 8:31 PM
एक चुनावी रैली को संबोधित करतीं बसपा सुप्रीमो मायावती। (पीटीआई फोटो)

बसपा मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वयं को उत्तर प्रदेश की जनता का गोद लिया बेटा बताने के बयान को खारिज करने के अंदाज में बुधवार (1 मार्च) को कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें वापस गुजरात भेजने और ‘खुद की बेटी’ (मायावती) को सत्ता की बागडोर सौंपने का मान बना लिया है। मायावती ने यह बात बुधवार को यहां स्थानीय मण्डी समिति के मैदान में आयोजित चुनावी रैली में कही। उन्होंने भाजपा को ‘भारतीय जुमला पार्टी’ की संज्ञा देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ने विदेशों में जमा काला धन वापस लाकर हर गरीब के खाते में 15 लाख रुपए भेजने और गरीबों का कर्ज माफ करने का वादा किया था, पर उसे पूरा नहीं किया।

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जब अपना वादा पूरा नहीं कर पाये तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए नोटबंदी का ‘अति जन पीड़ादायक’ फैसला ले लिया, जिससे लाखों करोड़ों लोग बेरोजगार हो गये। बसपा मुखिया ने सपा पर तीखे तीर चलाते हुए कहा कि इस बार सपा के ‘बबुआ’ (अखिलेश) को ठीक करने के लिए उनके चाचा शिवपाल ही काफी हैं। दोनों एक दूसरे के समर्थकों का काम लगाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सपा की भाभी (डिंपल) भी सपा के भैया को बचा नहीं पायेंगी।

मोदी के बाहुबली बयान पर मायावती बोलीं- चुनाव जीतने के बाद मुख्तार अंसारी से हट जाएगा माफिया का ठप्पा

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने मंगलवार (28 फरवरी) को कहा कि जनता माफिया और बाहुबली को पसंद नहीं करती है और जब माफिया समझे जाने वाले मऊ सीट से बसपा प्रत्याशी मुख्तार अंसारी चुनाव जीत जाएंगे तो उन पर मुहर लग जाएगी कि वह ना तो माफिया हैं और ना ही बाहुबली। मायावती ने यहां आयोजित चुनावी सभा में विश्वास जताया कि मऊ की जनता मुख्तार को जेल में रहते हुए भी चुनाव जिताएगी। जनता प्रधानमंत्री को बताएगी कि किसकी जीत हुई है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने कल सोमवार (27 फरवरी) मऊ की अपनी रैली में मुख्तार अंसारी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन वह जिस तरह माफिया, बाहुबली कह रहे थे, उससे पता लग रहा था कि उनका इशारा किस तरफ था। क्या जनता माफिया और बाहुबली को पसंद करती है। मैं समझती हूं कि बिल्कुल भी पसंद नहीं करती। जब वह (मुख्तार) चुनाव जीत जाएगा तो उस पर मुहर लग जाएगी कि वह ना तो माफिया है और ना ही बाहुबली है।’

प्रधानमंत्री ने सोमवार (27 फरवरी) को मऊ में अपनी रैली में मुख्तार का नाम लिये बगैर बसपा द्वारा उन्हें प्रत्याशी बनाये जाने पर सवाल खड़े किये थे। मुख्तार हत्या समेत कई जघन्य अपराधों के आरोप में जेल में बंद हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें चुनाव प्रचार के लिये पैरोल देने से कल (सोमवार, 27 फरवरी) मना कर दिया था। मायावती ने कहा कि उन्हें मुख्तार और उनके भाई अफजाल अंसारी पर पूरा भरोसा है कि वे सपा को पूर्वांचल में बेहाल कर देंगे। उन्होंने सपा और भाजपा पर बाहुबलियों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और भाजपा के लोग मुख्तार को तो माफिया बताते हैं लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से ‘कुंडा का गुंडा’ का खिताब पाये रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को लेकर उनका रुख हमेशा नरम रहता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App