Mayawati hits back in Sultanpur Rally, called Negative Dalit Man to PM Narendra Modi - Jansatta
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बसपा को ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ बताने पर मायावती का पलटवार, नरेंद्र मोदी हैं ‘नेगेटिव दलित मैन’

मायावती ने कहा कि मोदी को यह अच्छा नहीं लग रहा है कि एक दलित की बेटी हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर से घूमे। नोटबंदी इसीलिये की कि बसपा कंगाल हो जाए।

Author सुलतानपुर | February 20, 2017 6:48 PM
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर निशाना साधा है। (फाइल फोटो)

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बसपा को ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ करार देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘नेगेटिव दलित मैन’ बताया और कहा कि मोदी को दलितों द्वारा थोड़े-थोड़े आर्थिक सहयोग से अपने आंदोलन को बढ़ाया जाना अखर रहा है। मायावती ने सुलतानपुर में आयोजित चुनावी सभा में कहा ‘प्रधानमंत्री मोदी ने उरई में एक रैली में बसपा को ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ बताया है। मोदी पूरे प्रदेश में बसपा के बढ़ते जनाधार को देखकर इतने दुखी हैं कि वह उसकी परिभाषा को गलत तरीके से बताकर जनता को गुमराह बता रहे हैं। मोदी जुमलेबाजी करने में माहिर हैं। उन्हें जवाब जैसे को तैसा मिलेगा तो जुमलेबाजी करना भूल जाएंगे।’

उन्होंने कहा ‘मैं जुमलेबाजी करने में मोदी से दो कदम आगे हूं। देश के प्रधानमंत्री का पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है। नरेंद्र का मतलब होता है नेगेटिव, दामोदरदास का मतलब होता है दलित और मोदी का मतलब होता है मैन। ही इज नेगेटिव दलित मैन।’ उन्होंने कहा ‘अपने देश का जो प्रधानमंत्री है वह दलित विरोधी आदमी है। इसके नाम से ही जाहिर हो जाता है। इस आदमी को यह अच्छा नहीं लगता है कि पूरे देश के जो दलित हैं, वे अपनी कमाई में से थोड़ा-थोड़ा धन देकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।’

मायावती ने कहा कि मोदी को यह मालूम नहीं है कि बसपा एक राजनीतिक दल बाद में है, एक आंदोलन पहले है। खुद उन्होंने दलित और कमजोर वर्ग के लोगों, मुस्लिमों, गरीबों को पैरों पर खड़ा करने के लिये पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार (20 फरवरी) को उरई में आयोजित जनसभा में बसपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि बसपा अब बहुजन समाज पार्टी नहीं बल्कि ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ बन गयी है। मायावती ने कहा कि नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में जो 100 करोड़ रुपए जमा कराये गये थे, वे पूरे देश के दबे-कुचले लोगों द्वारा दिया गया सदस्यता शुल्क था। अगर वह अवैध रूप से एकत्र किया गया धन होता तो उसे बसपा के खाते में क्यों जमा किया जाता। बसपा इसी धन से चुनाव लड़ रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी को यह अच्छा नहीं लग रहा है कि एक दलित की बेटी हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर से घूमे। मोदी ने नोटबंदी इसीलिये की कि बसपा कंगाल हो जाए, लेकिन आप लोगों की मेहनत की कमाई मेरे पास थी, इसलिये मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई। मायावती ने कहा कि उन्होंने शादी नहीं की और अपनी पूरी जिंदगी दलित, शोषित, पिछड़े, अल्पसंख्यक समाज को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिये समर्पित की है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश में कमजोर तबके के लोग उन्हें अपने आंदोलन की बहुत बड़ी धरोहर और सम्पत्ति भी मानते हैं।

बसपा अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए कहा ‘आप लोगों ने मुझे अपनी देवी, लक्ष्मी और भगवान माना, इसीलिये अपने खून पसीने से कमाया गया धन दिया। भाजपा एंड कम्पनी पहले अपने गिरेबां में झांके और बताए कि नोटबंदी से पहले के 10 महीने में आपके खाते में कितना पैसा जमा हुआ।’ उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने अपने नेताओं और धन्नासेठों का धन ठिकाने लगवा दिया। मोदी को ईमानदारी से बताना चाहिये कि नोटबंदी के बाद कितना काला धन एकत्र हुआ और कितने लोगों को सजा दी गयी। मायावती ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी हमला किया और राज्य की सपा सरकार पर कुशासन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बसपा प्रदेश में सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की सरकार चलाएगी।

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