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जानिए प्रियंका गांधी ने अखिलेश से बातचीत के लिए RAS के इस अफसर को क्यों बनाया था अपना दूत

जब 2004 में कांग्रेस गठबंधन की केंद्र में सरकार बनी तभी से धीरज कुमार श्रीवास्तव गांधी परिवार के साथ हैं।

congress, rahul gandhi, priyanka gandhiउत्तरप्रदेश में सात चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे।

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। लेकिन इस गठबंधन से पहले मीडिया में ऐसी खबरें आईं थी कि यूपी के सीएम अखिलेश यादव कांग्रेस की तरफ से किसी बड़े नेता को न भेजकर एक नौकरशाह को गठबंधन की बातचीत के लिए भेजने पर नाराज हो गये थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गठबंधन को अमलीजामा पहनाने के लिए खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को बीच में आना पड़ा। आइए हम आपको बताते हैं कौन है वो नौकरशाह जिसे प्रियंका गांधी ने अखिलेश यादव के पास गठबंधन की बातचीत के लिए भेजा था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 49 वर्षीय धीरज कुमार श्रीवास्तव राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 1994 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है। कांग्रेस के अंदरखाने उन्हें रायबरेली और अमेठी की राजनीति का विशेषज्ञ माना जाता है। उत्तर प्रदेश की ये दोनों ही संसदीय सीटें गांधी परिवार का गढ़ रही हैं। जब 2004 में कांग्रेस गठबंधन की केंद्र में सरकार बनी तभी से धीरज गांधी परिवार के साथ हैं। मई 2004 में यूपीए सरकार बनने के थोड़े समय बाद ही उन्हें राजस्थान से ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) के तौर पर दिल्ली बुला लिया गया था। उन्हें सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले नेशनल एडवाइजरी काउंसिल (एनएसी) में ओएसडी बनाया गया था। उसके बाद से ही धीरज गांधी परिवार से जुड़े हुए हैं। एनएसी के बाद 2008 में उन्हें इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट में नियुक्त किया गया जहां वो 2010 तक रहे। 2010 से 2014 तक वो एनएसी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के निजी सचिव के तौर पर काम करते रहे।

साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने से पहले जब एनएसी को भंग किया गया तो धीरज को राहुल गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) में तैनात कर दिया गया। उन्हें आरजीएफ के सीनियर मैनेजमेंट में जगह दी गयी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रियंका गांधी ने सपा से गठबंधन की बातचीत के शुरुआती दौर में 130 प्रत्याशियों की सूची देकर धीरज को अखिलेश यादव के पास भेजा था। धीरज सीएम अखिलेश और उनके एक करीबी विधायक से मिले थे।

deeraj kumar srivastva, ras officer धीरज कुमार श्रीवास्तव इस समय राजीव गांधी फाउंडेशन में प्रतिनियुक्ति पर हैं। (तस्वीर स्रोत- राजीव गांधी फाउंडेशन)

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश यादव ने कांग्रेस को 130 सीटें देने का प्रस्ताव तब दिया था जब निर्वाचन आयोग ने साइकिल चुनाव चिह्न और सपा अखिलेश यादव को नहीं सौंपा था। मीडिया में रिपोर्ट आई थी कि सपा से गठबंधन के लिए कांग्रेस ने किसी बड़े नेता को न भेजकर एक नौकरशाह को भेजने से अखिलेश नाखुश थे।

धीरज 1999 से 2003 तक राजस्थान के कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी रह चुके हैं। जयपुर के रहने वाले धीरज एमए और एमफिल हैं। यूपी शासन के दौरान उन्होंने आरटीआई और मनरेगा योजनाओं में उनके काम की काफी तारीफ की गयी थी। प्रियंका का करीबी होने के नाते इस बात की चर्चाएं तेज हैं कि वो यूपी विधान सभा में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकते हैं।

राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) की वेबसाइट के अनुसार धीरज इस समय पीएचडी कर रहे हैं और उन्हें संगीत सुनने और पढ़ने का शौक है। आरजीएफ वेबसाइट के अनुसार धीरज को गाने का भी शौक है।

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