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कानपुर हादसे में ISI की संलिप्तता के दावे को अखिलेश यादव ने बताया ‘झूठा’, कहा- भाजपा के लोग समझाकर नहीं, बल्कि बहकाकर वोट लेते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘देश के प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से सांसद हैं और अनेक केन्द्रीय मंत्री भी इसी सूबे से सांसद हैं। वे बताएं कि उन्होंने कौन सा पुल बनाया और सड़क बनवायी।'

Author गाजीपुर | March 3, 2017 4:37 PM
उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव (Source: ANI)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर में हाल में रेल पटरी काटने की घटना में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की रिपोर्ट को ‘झूठी’ करार देते हुए कहा कि भाजपा के लोग समझाकर नहीं, बल्कि बहकाकर वोट लेते हैं। मुख्यमंत्री ने यहां एक चुनावी सभा में लखनऊ मेट्रो को रेल मंत्रालय का अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिये जाने के जिक्र के साथ कहा ‘ये जो हमारे रेल मंत्री हैं, वह कानपुर वाली पटरी नहीं सुधार पाये और प्रधानमंत्री को झूठी रिपोर्ट दे दी कि आईएसआई वालों ने पटरी तोड़ दी है। हम तो यह जानना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में हुआ यह पटरी वाला मामला कम से कम हमें तो बता देते, लेकिन कोई जानकारी नहीं, कोई सच्चाई नहीं।’

सपा अध्यक्ष ने कहा ‘आपने अखबार में पढ़ा होगा कि यही रेल मंत्री जब रेल हादसे के घायलों से मिलने गये थे तो वहां 500 के पुराने नोट दे आये थे। ये कैसे रेल मंत्री हैं, इन्हें पता ही नहीं कि नोट असली है या नकली। भाजपा के नेता समझाकर नहीं बल्कि बहकाकर वोट लेते हैं।’ उल्लेखनीय है कि पिछले साल 20 नवम्बर को कानपुर के पुखरायां के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गये थे। इस हादसे में 120 से ज्यादा लोग मारे गये थे। उसके कुछ दिन बाद 28 दिसम्बर को कानपुर से कुछ ही दूरी पर एक और रेलगाड़ी पटरी से उतरी थी। इन दोनों ही घटनाओं के लिये रेल पटरी के चटकने का संदेह जाहिर किया गया था। इस मामले में तीन लोगों की संदेह के आधार पर गिरफ्तारी के बाद यह दावा किया गया था कि इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ था।

प्रदेश विधानसभा चुनाव के आखिरी दो चरणों के दौरान चुनावी लड़ाई में केन्द्र सरकार के तमाम मंत्रियों को प्रचार मैदान में उतारे जाने की तरफ इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा ‘प्रधानमंत्री जी ने अगर अपना काम किया होता तो इन मंत्रियों को लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।’ अखिलेश ने कहा, ‘प्रदेश विधानसभा चुनाव के अभी तक जितने चरण हुए हैं, उनमें कहने को तो भाजपा और बसपा भी जीत के दावे कर रही हैं, मगर हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बसपा नेताओं के भाषण सुने हैं। उनमें हताशा है, लिहाजा हम कह सकते हैं कि समाजवादी पार्टी ही सबसे आगे है। हमारे काम पर लोगों को भरोसा है।’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने तमाम योजनाओं से लोगों को लाभ पहुंचाया है। सरकार तो भाजपा की भी है। प्रधानमंत्री की पिछले तीन साल से सरकार चल रही है। सपा ने पांच साल काम किया है और पार्टी के नेता जनता के बीच जा रहे हैं। प्रधानमंत्री अपने तीन साल का हिसाब दें, सपा पांच साल का हिसाब देगी और जनता आकलन कर लेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘देश के प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से सांसद हैं और अनेक केन्द्रीय मंत्री भी इसी सूबे से सांसद हैं। वे बताएं कि उन्होंने कौन सा पुल बनाया और सड़क बनवायी, कितनी बिजली दिलवायी। प्रधानमंत्री पूछते हैं कि हमने कौन सा काम किया। सच्चाई यह है कि हमने हर क्षेत्र में काम किया है।’ उन्होंने बसपा मुखिया मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनकी भाषा बदल गयी है। वह कहती हैं कि अब हम विकास करेंगे, मगर जिसने अपने जीते जी स्वयं अपनी मूर्ति लगा दी हो, उस पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। उन्होंने पांच साल के अपने शासनकाल में पूरा खजाना बर्बाद कर दिया था। अखिलेश ने कहा कि मायावती भाजपा से कब समझौता कर लेंगी, यह पता नहीं। सपा ने कांग्र्रेस के साथ गठबंधन करके भरोसा दिलाया है कि सपा अगली सरकार बनाएगी।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि वह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को 30 महीने में लखनऊ से गाजीपुर तक लाएंगे। गाजीपुर के बहुत से लोग सेना में हैं। हम यहां भी लड़ाकू विमान उतारकर उस सड़क का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘भाजपा के जो देशभक्त लोग हैं, जो आज दिल्ली में देशभक्ति कर रहे हैं, हम उनसे पूछना चाहते हैं कि आपने गाजीपुर के जो सैनिक शहीद हुए थे, उनकी कितनी मदद की थी। सिर्फ समाजवादी सरकार ने ही उनके परिवार के लोगों की मदद की थी। आपको चुनाव में इसका सबक भी सिखाना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘आप सब हमारी मदद करिये, ताकि हम प्रदेश में एक बार फिर सरकार बनाएं।’

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