ताज़ा खबर
 

यूपी पंचायत चुनावः मुलायम को छोड़ भतीजी ने थामा था बीजेपी का दामन, मैनपुरी से मिली करारी शिकस्त

संध्या यादव जिला पंचायत की अध्यक्ष थीं और वह सपा के टिकट पर पिछला चुनाव जीती थीं। लेकिन बाद में वो भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने इस बार भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। लेकिन हार गईं।

up panchyat election, Mainpuri, Mulayam singh yadav, Mulayam niece defeated, Sandhya yadavमुलायम सिंह की भतीजी संध्या यादव अपने पति के साथ (फोटोः ट्विटर@aajtak)

यूपी की राजनीति में मुलायम सिंह का सिक्का आज भी ताबड़तोड़ चलता है। इटावा और मैनपुरी में तो उनकी मर्जी के बगैर पत्ता भी नहीं हिल सकता है। उनकी खिलाफत कोई परिवार का सदस्य भी करे तो भी लोग उसे माफ नहीं करते। मुलायम की भतीजी ने सपा का दामन छोड़ बीजेपी का हाथ थाम लिया था। लेकिन हुआ वही जिसका लोगों को अंदेशा था। जिला पंचायत के चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त मिली।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक- समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की भतीजी और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन मैनपुरी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संध्या यादव जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गईं। संध्या यादव ने मैनपुरी जिले के वार्ड नंबर 18 से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और उन्हें समाजवादी पार्टी के प्रमोद यादव ने पराजित किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने बताया कि संध्या यादव जिला पंचायत की अध्यक्ष थीं और वह सपा के टिकट पर पिछला चुनाव जीती थीं। लेकिन बाद में वो भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने इस बार भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। लेकिन हार गईं। सूत्रों का कहना है कि संध्या ने चुनाव में जमकर प्रचार किया था। बीजेपी के तमाम दिग्गज भी उनके साथ खड़े दिखे। लेकिन उनका मुलायम से दूर जाना लोगों को रास नहीं आया। लोग मान रहे थे कि संध्या ने नेताजी को छोड़ अच्छा नहीं किया। ये उनकी हार का कारण बना।

गौरतलब है कि सीएम योगी मे मुलायम सिंह के तिलिस्म को तोड़ने के लिए इटावा और मैनपुरी में खासी मेहनत की थी। बीजेपी के तमाम नेताओं को हिदायत थी कि मुलायम का दबदबा इन जगहों से कम किया जाए। इसका संदेश सूबे की राजनीति में बड़ा होता। लेकिन बीजेपी फिलहाल उनके गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब नहीं हो सकी। उसे इक्का दुक्का जीत ही मिल सकीं। बीजेपी की तमाम कोशिशें बेकार साबित रहीं। मुलायम समर्थित उम्मीदवारों का जलवा उनके गृह क्षेत्र में देखा गया।

संध्या यादव के बीजेपी में आने के पीछे की वजह उनके पति अनुजेश यादव हैं। अनुजेश यादव ने कहा कि वो समाजवादी पार्टी से दुखी होकर भाजपा में आए हैं। उधर, मैनपुरी से सपा के विधायक राजकुमार उर्फ राजू यादव की पत्नी वंदना यादव वार्ड नंबर 28 से जिला पंचायत सदस्य के लिए किस्मत आजमा रही थीं लेकिन उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी जर्मन यादव ने हरा दिया।

Next Stories
1 बंगाल में भाजपा की हार पर बोले संबित पात्रा, विपक्ष ने ममता बनर्जी को माना लीडर, दिल्ली में खेला के लिए स्वागत
2 बंगाल चुनावः नंदीग्राम से हारीं ममता बनर्जी, बोलीं- गड़बड़ी की गई, कोर्ट जाऊंगी
3 लोकसभा चुनाव में मारी थी बाजी, लेकिन विधानसभा में पीछे चल रहे BJP के ये दिग्गज
ये पढ़ा क्या?
X