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UP Election: अमित शाह कह रहे थे उनकी पार्टी मुगलों से लड़ रही है, 650 साल पहले तो नादिर शाह आए थे हो सकता है उनसे कोई संबंध हो, सपा प्रवक्‍ता का BJP पर तंज

बुधवार को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जाट नेताओं के साथ बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा के नई दिल्ली स्थित आवास मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 650 साल आपने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, हम भी लड़ रहे हैं।

बुधवार को जाट नेताओं के साथ बैठक करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो: पीटीआई)

बुधवार को जाट नेताओं के साथ बैठक में अमित शाह के द्वारा दिए गए एक बयान पर सपा प्रवक्ता ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह कह रहे थे उनकी पार्टी मुगलों से लड़ी है। 650 साल पहले तो नादिर शाह आए थे तो हो सकता है अमित शाह का उनसे कोई संबंध हो।

समाचार चैनल आजतक पर आयोजित डिबेट शो में एंकर अंजना ओम कश्यप ने सपा प्रवक्ता घनश्याम तिवारी से सवाल पूछा कि क्या अमित शाह के जाट नेताओं के साथ मुलाक़ात और मथुरा में बांके बिहारी के दर्शन के जरिए बीजेपी पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सेंधमारी कर पाएगी। इस सवाल के जवाब में घनश्याम तिवारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन गृहमंत्री इसलिए बैठक करते हैं क्योंकि नफरत की साजिश विफल हो रही है।

आगे सपा प्रवक्ता ने कहा कि जिस मीटिंग में अमित शाह कह रहे थे कि 650 सालों से उनकी पार्टी मुगलों से लड़ रही है। 650 साल नादिर शाह आए थे तो हो सकता है कि उनका कोई संबंध हो। 650 सालों से बीजेपी मुगलों से लड़ रही है लेकिन उसी पार्टी के नेता प्रवेश वर्मा को दो साल पहले हेट स्पीच के लिए नोटिस दिया गया था। अगर भाजपा चाह रही है कि हेट जीत जाए और महंगाई, बेरोजगारी हार जाए तो ये उनकी गलत सोच है।

बता दें कि बुधवार को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जाट नेताओं के साथ बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा के नई दिल्ली स्थित आवास मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 650 साल आपने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, हम भी लड़ रहे हैं। जाट भी किसानों के लिए सोचते हैं और बीजेपी भी। जाट भी देश की सुरक्षा के लिए सोचते हैं और बीजेपी भी उसी दिशा में सोचती है।

अमित शाह ने यह भी कहा कि अगर आप मुझसे ख़फ़ा हैं तो संजीव बालियान के साथ मेरे घर आ जाइए, लेकिन अपने वोट को लेकर गलती मत कीजिए। यह गलती पांच साल से पहले ठीक नहीं होगी। आपने 2014, 2017 और 2019 में साथ दिया, इस बार भी कमल खिलाने में साथ दें। यदि कोई शिकायत है, तो झगड़ा कर सकते हैं, लेकिन पार्टी से कोई नाराजगी ना रखी जाए।     

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