उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: जानिए लखनऊ को, जहां की नौ में से आठ सीटें जीती थी भाजपा

प्राचीनकाल में कौशल राज्य से जुड़ा लखनऊ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विरासत थी।

सांकेतिक फोटो।

प्राचीनकाल में कौशल राज्य से जुड़ा लखनऊ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विरासत थी। राम ने अपने छोटे भाई लक्ष्मण को इसे समर्पित कर दिया था, जिससे इस‍की पहचान लक्ष्मणपुर या लखनपुर से होती थी। बाद में इसका नाम बदलकर लखनऊ हो गया। लखनऊ और अयोध्या के बीच की दूरी 80 मील है। लखनऊ शहर के पुराने भाग में ऊंचे ढूह को आज भी लक्ष्मण टीला कहा जाता है।

प्राचीनकाल में इसी लक्ष्मण टीला पर पहले लक्ष्मण मंदिर बना हुआ था। लेकिन मुग़ल बादशाह ने लक्ष्मण मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाईं थी। इतिहास के पन्नों में मुस्लिम शासकों ने लखनऊ के हिन्दू स्वरूप को मिटाकर इमामबाड़े, मस्जिदें,जमातखाने, ईदगाह और मुस्लिम स्थल बनाएं थे। बाकी मान्यता है कि लखनऊ को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण ने बसाया था।

लखनऊ की पहचान मलिहाबादी आम और चारबाग रेलवे स्टेशन की रेवड़ी और पकौड़े से भी होती है। लखनऊ में 9 विधानसभा सीटें हैं। इसमें 5 सीटें शहर में 4 सीटें ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 8 सीटें और सपा को एक सीट मिली थी। लेकिन बसपा और कांग्रेस का खाता नहीं खुला था। 2012 के विधानसभा चुनाव में जबकि सपा 7, कांग्रेस और भाजपा को एक- एक सीटें मिली थीं। 2017 के मोदी लहर में मलिहाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा की जयदेवी विधायक चुनी गई थी।

इसके बाद बक्सी का तालाब अविनाश द्विवेदी भाजपा, सरोजनी नगर स्वाती सिंह भाजपा, लखनऊ पश्चिम सुरेश श्रीवास्तव भाजपा, लखनऊ उत्तर डॉ नीरज वोरा भाजपा, लखनऊ पूर्व आशुतोष टंडन भाजपा, लखनऊ मध्य ब्रजेश पाठक भाजपा,मोहन लालगंज अंबरीश सिंह सपा और लखनऊ कैंट से भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी विधायक बनी थी। लेकिन इनके इस्तीफे के बाद भाजपा के सुरेश तिवारी विधायक चुने गए थे। सांसद राजनाथ सिंह हैं। मोदी और योगी की दोनों सरकारों में लखनऊ के 5 मंत्री हैं।

इसमें लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह केंद्र में रक्षा मंत्री और मलिहाबाद विधानसभा की भाजपा विधायक जय देवी के पति कौशल किशोर केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। इसके बाद योगी सरकार में लखनऊ मध्य के विधायक ब्रजेश पाठक कानून मंत्री हैं। इसके पहले दो बार सांसद भी बन चुके हैं। स्वाती सिंह पहली बार विधायक और मंत्री बनी हैं। इसके अलावा आशुतोष टंडन मंत्री हैं।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ की सभी नौ सीटों पर और उत्तर प्रदेश में साढ़े तीन सौ के पार की सीटों पर कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मोदी के नाम और काम पर वोट मिले थे। इस बार मोदी, योगी के नाम और काम दोनों पर वोट पड़ेंगे, जिससे साढ़े तीन सौ सीटों का आंकड़ा पार करना तय है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय और लखनऊ के प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ल ने कहा कि भाजपा 2017 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि लखनऊ की सभी नौ सीटों पर कमल खिलेगा। बाकी किसी का खाता नहीं खुलेगा। इसके लिए भाजपा की टीम जुटी है।

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