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UP Election: मथुरा की मांट सीट से 8 बार जीत चुके श्‍याम सुंदर, क्‍या BSP के टिकट पर 9वीं बार फहराएंगे परचम? जानें समीकरण

50 वर्षीय ओमपाल सिंह का श्याम सुंदर शर्मा को लेकर कहना है कि श्याम सुंदर के इतनी बार जीतने के पीछे का कारण उनकी कार्यशैली है। सबसे पहले तो वो किसी की बात को मना नहीं करते।

Shyam Sunder Sharma, Mathura
मथुरा की मांट विधानसभा से विधायक श्याम सुंदर शर्मा(फोटो सोर्स: फेसबुक/@SSSmant)।

अमिल भटनागर

मथुरा इन दिनों यूपी विधानसभा चुनाव में काफी चर्चा में हैं। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और खुद सीएम योगी आदित्यनाथ मथुरा में मंदिर निर्माण की बात कर चुके हैं। वहीं समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव भी कह चुके हैं कि उनके सपने में भगवान श्रीकृष्ण आते हैं। ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव में मथुरा राजनीति का केंद्र बिंदु बन चुका है। हालांकि इसके साथ ही एक और नाम काफी चर्चा में हैं, और वो है मांट विधायक श्याम सुंदर शर्मा का।

बता दें कि 72 वर्षीय श्याम सुंदर शर्मा मथुरा के मांट विधानसभा सीट से पिछले 8 बार के विधायक हैं। इस सीट पर उनकी मजबूत पकड़ है। बहुजन समाज पार्टी से वो 9वीं बार मैदान में हैं। मांट से आठ बार जीत दर्ज करने वाले शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय लोगों का कहना है कि शर्मा विशुद्ध रूप से लोकप्रिय भावना पर जीतते हैं।

शर्मा को लेकर 50 वर्षीय ओमपाल सिंह का कहना है कि श्याम सुंदर के इतनी बार जीतने के पीछे का कारण उनकी कार्यशैली है। सबसे पहले तो वो किसी की बात को मना नहीं करते। दूसरा, वह अपना सारा समय अपने क्षेत्र में बिताते हैं। लोगों को हैंडपंप मुहैया कराने से लेकर सड़कें ठीक कराने तक उन्होंने खूब काम किया है। इन सबको देखते हुए अगर श्याम सुंदर निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ें तो भी जीत सकते हैं।

राजनीतिक सफर: शर्मा ने मांट व‍िधानसभा सीट से पहली बार 1989 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत पाई थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस से ही 1991 और 1993 का चुनाव जीता। यहां तक कि 2002 और 2007 में वह टीएमसी के टिकट पर मैदान में उतरे और जीत दर्ज कराई।

2012 में मिली थी हार: 2012 के चुनाव में श्‍याम सुंदर शर्मा रालोद के युवा नेता जयंत चौधरी से लगभग 16 हजार वोटों से हार गए। लेकिन जयंत चौधरी ने बाद में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और संसदीय सीट (मथुरा) को बनाए रखने का फैसला किया। इसके बाद जब मांट सीट पर उपचुनाव हुए तो श्याम सुंदर शर्मा ने फिर से जीत हासिल की।

शर्मा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों की समस्याओं का समय से निवारण करने के चलते सिर्फ मांट से ही नहीं बल्कि मथुरा जिलेभर से लोग उनके पास आते हैं। द इंडियन एक्सप्रेस से शर्मा ने कहा, “भाजपा कई मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह यहां काम नहीं करेगा। यहां लोगों को किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो उनकी बात सुन सके।”

भाजपा-सपा का दांव: बता दें कि इस बार श्याम सुंदर के सामने भाजपा ने राजेश चौधरी को टिकट दिया है। वहीं सपा-रालोद गठबंधन की तरफ से संजय लाथर मैदान में होंगे। ये दोनों उम्मीदवार जाट बिरादरी से हैं। वहीं मांट में जातीय समीकरण की बात करें तो जाट वोटरों के अलावा इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, ठाकुर और दलित आबादी भी अच्छी संख्या में है।

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