scorecardresearch

एक जिला, तीन विधानसभा उम्मीदवार, तीन सांसदों की प्रतिष्ठा दांव पर

आबादी व क्षेत्रफल में छोटे जनपद हापुड़ में प्रथम चरण में होने वाला विधानसभा चुनाव दिलचस्प है।

election

दीपक अग्रवाल

आबादी व क्षेत्रफल में छोटे जनपद हापुड़ में प्रथम चरण में होने वाला विधानसभा चुनाव दिलचस्प है। इस जिले की तीन विधानसभाएं तीन अलग संसदीय क्षेत्रों में आते हैं और यहां से विधायक बनने की होड़ में लगे उम्मीदवारों को जिताने को लेकर तीन सांसदों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
सभी सांसद अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी को विजयी बनाने को ऐड़ी चोटी एक कर रहे हैं।

बताते चलें कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने हापुड़ को जनपद की श्रेणी में जोड़ दिया था तो वहीं लोकसभा सीटोें को फेरबदल कर मेरठ-हापुड़, गाजियाबाद-धौलाना एवं गढ़मुक्तेश्वर को अमरोहा से जोड़ा गया था। विगत लोकसभा 2019 के चुनाव परिणामों में मेरठ हापुड़ लोकसभा सीटों पर भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने परचम लहराया था तो गढ़मुक्तेश्वर अमरोहा सीट पर बसपा के कुंवर दानिश अली ने जीत हासिल की थी, जबकि गाजियाबाद धौलाना सीट पर जनरल वीके सिंह ने भाजपा को जीत दिलाई थी।

धौलाना सीट पर विधानसभा प्रत्याशी उम्मीदवार पूर्व में सपा विधायक रहे धर्मेश तोमर को भाजपा का टिकट मिलने की काफी चर्चा है क्योंकि पिछले दो विधानसभा चुनावों में धौलाना सीट पर भाजपा प्रत्याशी नहीं जीत पाया है। इस कारण मुख्यमंत्री योगी ने कुछ दिनों पूर्व भी यहां जनसभा को संबोधित किया था। यहां भाजपा का मुकाबला सपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवार विधायक असलम चौधरी से रहेगा तो बसपा के बासिद प्रधान भी कम नहीं है।

वहीं, गढ़मुक्तेश्वर सें भाजपा विधायक कमल सिंह मलिक का टिकट काटा गया है। कमल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने गढ़मुक्तेश्वर में तीन बार जनसभा को संबोधित किया था परन्तु इस बार भाजपा ने हरेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पूर्व मंत्री रहे मदन चौहान का टिकट काटना शायद सपा को भारी पड़ सकता है। चौहान ने बसपा से नामांकन कर दिया है लेकिन आजतक गढ़मुक्तेश्वर से बसपा जीत दर्ज नहीं कर पाई है। उधर, सपा ने नैना सिंह को पार्टी प्रत्याशी बनाया है।

हापुड़ विधानसभा सीट पर चार बार विधायक रहे कांगे्रस नेता गजराज सिंह के पार्टी बदलने पर दावेदारों में खलबली मची हुई है। गजराज रालोद से गठबंधन उम्मीदवार बने हैं। सपा-रालोद गठबंधन गजराज की सामाजिक छवि भुनाने की कोशिश में है तो भाजपा ने अपने विधायक विजयपाल आढ़ती को फिर उम्मीदवार बनाया है। वहीं बसपा ने दिवंगत पूर्व विधायक एवं राज्यमंत्री धर्मपाल सिंह के पुत्र मनीष उर्फ मोनू को चुनावी दंगल में उतारा है। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को हापुड़ से कम मत मिले थे इसलिए विधानसभा चुनावों में विधायक विजयपाल को जिताने के लिए सांसद राजेंद्र अग्रवाल को काफी मशक्कत करनी होगी।

पढें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Upassemblyelections2022 News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.