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यूपीः भूपेश बघेल पर नोएडा में FIR तो धार्मिक भावनाएं भड़काने पर बीजेपी एमएलए को नोटिस, उधर जेडीयू ने किया ये ऐलान

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर को धार्मिक नफरत फैलाने के आरोप में नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

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नोएडा में चुनाव प्रचार करते सीएम भूपेश बघेल (फोटो- @BhupeshBaghelCG)

यूपी चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल पर नोएडा में एफआईआर दर्ज की गई है। बघेल पर कोविड नियमों का उल्लघंन का आरोप लगा है। इसके अलावा धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में बीजेपी एमएलए को नोटिस दिया गया है। साथ ही एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू ने यूपी में बड़ा ऐलान कर दिया है, जिससे भाजपा को झटका लग सकता है।

बघेल के खिलाफ एफआईआर- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य के खिलाफ नोएडा में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए डोर-टू-डोर प्रचार के दौरान कथित तौर पर कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 113 पुलिस स्टेशन में बघेल और अन्य के खिलाफ धारा 269 (बीमारी फैलाने वाले कार्य), 270 (बीमारी का प्रसार), 188 (सार्वजनिक आदेश की अवज्ञा) और महामारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कांग्रेस पार्टी के अधिकारियों के अनुसार सीएम बघेल नोएडा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार पंखुड़ी पाठक के साथ घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे।

बीजेपी विधायक को नोटिस- चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर को धार्मिक नफरत फैलाने के आरोप में नोटिस जारी किया है। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर को लोनी क्षेत्र से ही आगामी चुनावों में भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए गुर्जर ने कहा था- “ना अली, ना बाहुबली, लोनी में सिर्फ बजरंग बली”।

नंद किशोर गुर्जर को तीन दिन के भीतर यानि बुधवार तक चुनाव आयोग को लिखित में जवाब देने को कहा गया है। अपने जवाब में उन्हें यह बताना होगा कि उन्होंने विवादित नारे का इस्तेमाल क्यों किया।

जदयू का ऐलान- भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने में विफल रहने के बाद, जनता दल (यूनाइटेड) ने अकेले उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने कहा कि उसके नेता अब 18 जनवरी को लखनऊ में अपने उम्मीदवारों पर फैसला लेने के लिए बैठक करेंगे।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया- “हमने बीजेपी के साथ गठबंधन के लिए आखिरी क्षण तक इंतजार किया। हमारी पार्टी के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे। लेकिन बात नहीं बन सकी। हमने अब यूपी में अकेले जाने का फैसला किया है।”

बीजेपी कार्यकर्ताओं का इस्तीफा- यूपी के संभल के चंदौसी विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक गुलाब देवी को एक बार फिर से प्रत्याशी बनाए जाने के खिलाफ कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है। गुलाब देवी राज्य की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं। इन्हें टिकट मिलने के विरोध में भाजपा के 200 बूथ अध्यक्षों समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है।

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