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यूपी चुनाव: बरेली कैंट की कांग्रेस उम्मीदवार बोलीं- सपा में है भाजपा को हराने का दम, इसलिए हो ली अखिलेश के साथ, पति को भी ले गईं

कांग्रेस पार्टी ने 13 जनवरी को उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली सूची जारी की थी जिसमें सुप्रिया एरोन को बरेली कैंट से उम्मीदवार बनाया गया था। सुप्रिया के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि उनके जाने से हमारी पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि हमारा संगठन मजबूत है।

शनिवार को सुप्रिया एरोन समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं। (फोटो: ट्विटर/ samajwadiparty)

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बरेली कैंट की कांग्रेस उम्मीदवार सुप्रिया एरोन ने शनिवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सुप्रिया ने कहा कि भाजपा को हराने का दम सपा में ही है इसलिए वे अखिलेश के साथ आ गईं। सुप्रिया अपने साथ अपने पति और पूर्व कांग्रेस सांसद प्रवीण सिंह एरोन को भी सपा में ले गईं। सपा में आने के बाद अखिलेश यादव ने उन्हें बरेली कैंट विधानसभा से ही टिकट दे दिया।

सुप्रिया एरोन और उनके पति प्रवीण सिंह एरोन पिछले 15 साल से कांग्रेस में थे। हालांकि इससे पहले प्रवीण सिंह सपा में भी रह चुके हैं। प्रवीण एरोन कांग्रेस के टिकट पर साल 2009 के लोकसभा चुनाव में सांसद भी चुने गए हैं। सुप्रिया एरोन के साथ हरदोई की संडीला सीट से विधायक रहे दिवंगत महावीर सिंह की पत्नी रीता सिंह भी सपा में शामिल हो गईं।  

सुप्रिया एरोन के सपा में शामिल होने के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं उन्हें बधाई देता हूं। उनके शामिल होने से सपा मजबूत हुई है और हम आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार जरूर बनाएंगे। वे न सिर्फ पार्टी में शामिल होंगी बल्कि विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगी।

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने 13 जनवरी को उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली सूची जारी की थी जिसमें सुप्रिया एरोन को बरेली कैंट से उम्मीदवार बनाया गया था। सुप्रिया के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि उनके जाने से हमारी पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि हमारा संगठन मजबूत है और हम प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सरकार बनाने जा रहे हैं। 10 मार्च को परिणाम घोषित होने पर सुप्रिया एरोन को सपा में शामिल होने का पछतावा होगा।

वहीं सुप्रिया एरोन ने द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि मेरा कांग्रेस में किसी को लेकर विरोध नहीं है। मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि मैं बीजेपी को रोकना चाहती हूं और मुझे लगता है कि एसपी एकमात्र पार्टी है जो भाजपा को रोक सकती है। इसलिए मैंने अखिलेश यादव से हाथ मिलाया है और मुझे उनके नेतृत्व में चुनाव जीतने का भरोसा है। सपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो भाजपा को रोक सकती है और मुझे लगा कि मैं कांग्रेस के टिकट पर अपनी सीट नहीं जीत पाती और चुनाव में जीत सबसे महत्वपूर्ण है।

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