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यूपी चुनावः स्टार प्रचारकों की लिस्ट से बाहर हो गए योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वरुण गांधी, मेनका गांधी को भी नहीं मिली जगह

गौरतलब है कि पीलीभीत भाजपा सांसद वरुण गांधी काफी दिनों से केंद्र सरकार पर किसानों के मुद्दों को लेकर हमलावर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उनकी इन गतिविधियों से उन्हें स्टार प्रचारक में शामिल नहीं किया गया।

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भाजपा सांसद मेनका गांधी और वरुण गांधी(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। जिसकी शुरुआत 10 फरवरी को होगी। ऐसे में पहले चरण के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने 19 जनवरी को अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह समेत 30 भाजपा नेताओं के नाम हैं। बता दें कि इस सूची में लखीमपुर खीरी हिंसा मामले से विवादों में आये केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी का नाम नहीं है।

मेनका गांधी और वरुण गांधी को नहीं मिली जगह: स्टार प्रचारकों की सूची में और भी कई नाम है जो पहले इस सूची का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन अब नहीं है। इसमें सुल्तानपुर से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी का भी नाम नहीं हैं। गौरतलब है कि पीलीभीत भाजपा सांसद वरुण गांधी काफी दिनों से केंद्र सरकार पर किसानों के मुद्दों को लेकर हमलावर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उनकी इन गतिविधियों से उन्हें स्टार प्रचारक में शामिल नहीं किया गया।

लिस्ट में शामिल नाम: यूपी चुनाव को लेकर भाजपा के स्टार प्रचारकों पर नजर डालें तो पीएम मोदी, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राधा मोहन सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य के नाम शामिल हैं।

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यूपी चुनाव के पहले चरण के लिए भाजपा ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट(फोटो सोर्स: ANI)।

इसके अलावा यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मुजफ्फरनगर से भाजपा सांसद संजीव बालियान, जसवंत सैनी, मथुरा सांसद हेमा मालिनी, अशोक कटारिया, सुरेंद्र नागर, जनरल वीके सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी भी भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं।

इन मुद्दों पर वरुण जता चुके हैं विरोध: गौरतलब है कि इससे पहले मेनका गांधी और वरुण गांधी को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से समिति से भी बाहर कर दिया गया था। बता दें कि लखीमपुर खीरी हिंसा, यूपीटीईटी पेपर लीक, शिक्षक भर्ती के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, महंगाई और बेरोजगारी जैसे तमाम मामलों में वरुण गांधी मोदी सरकार पर सवालिया निशाना उठाते रहे हैं।

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