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UP Election: अमित शाह के दौरों से क्‍या उत्‍तर प्रदेश में BJP को फायदा होगा? जानिए ABP CVoter सर्वे में क्‍या आया सामने

UP Election Survey: किसान आंदोलन के चलते पश्चिमी यूपी में बीजेपी की स्थिति को कमजोर माना जा रहा है। अब जाटलैंड में बीजेपी के पक्ष में बाजी पलटने के लिए खुद अमित शाह मैदान में उतरे हैं। लेकिन क्‍या वह सफल होंगे, सर्वे में सामने आए आंकड़े क्‍या कहते हैं, जानिए।

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पश्चिमी यूपी के कैराना में चुनाव प्रचार करते अमित शाह। (Photo- Amit Shah)

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा 2022 के रण में गृह मंत्री अमित शाह कूद चुके हैं। 2014 लोकसभा चुनाव और 2017 चुनाव में रणनीतिकार के तौर पर यूपी में बीजेपी को रिकॉर्ड सीट दिलावाने वाले अमित शाह 2022 में पार्टी का कितना फायदा करा पाएंगे? पश्चिमी यूपी के कैराना से डोर टू डोर कैंपेन की शुरुआत करने वाले अमित शाह के दौरों से क्‍या बीजेपी की सीटों में इजाफा होगा? ABP CVoter के सर्वे में यही सवाल उत्‍तर प्रदेश की जनता से किया गया। इस सवाल के जवाब में क्‍या नतीजे आए आइए डालते हैं आंकड़ों पर एक नजर:

सर्वे में पूछा गया क्‍या अमित शाह के दौरों से बीजेपी को फायदा होगा?

ABP CVoter सर्वे में 49 प्रतिशत लोगों ने माना- हां अमित शाह के दौरों से बीजेपी को यूपी में लाभ होगा। वहीं, 37 प्रतिशत ने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा- नहीं इससे बीजेपी को फायदा नहीं होगा, जबकि 14 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।

चुनावी विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अमित शाह के प्रचार मैदान में कूदने से बीजेपी को पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश का रण फतह करने में बड़ी मदद मिल सकती है। पश्चिमी यूपी में सपा के जाट-मुस्लिम समीकरण में सेंध लगाने के लिए अमित शाह भरसक प्रयास कर रहे हैं। बुधवार को अमित शाह ने पश्चिमी यूपी के 200 से ज्‍यादा जाट नेताओं के साथ मुलाकात की। इस दौरान अमित शाह जाट नेता जयंत चौधरी पर सीधा प्रहार करने से बचते नजर आए। उन्‍होंने जयंत की पार्टी राष्‍ट्रीय लोक दल (RLD) के सपा के साथ गठबंधन पर कहा- उन्‍होंने गलत घर चुन लिया है।

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में वोटिंग की शुरुआत पश्चिमी यूपी के जिलों से ही होनी है। किसान आंदोलन के चलते पश्चिमी यूपी के जाटों में बीजेपी के प्रति नाराजगी की आशंका के चलते अमित शाह ने खुद यहां पर कमान संभाली है। बुधवार को दो घंटे चली बैठक में अमित शाह ने जाट नेताओं से यहां तक बोल दिया, ‘झगड़ा करना है तो आप मेरे साथ कर लो। अगर मुझे डांटना हो तो बालियान जी के साथ मेरे घर पर आ जाना, लेकिन वोट गलत जगह पर मत डालना।’

अमित शाह के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत पहले ब्रज से होनी वाली थी, लेकिन ऐन टाइम पर इसे बदलकर पश्चिमी यूपी के कैराना से किया गया। कैराना में अमित शाह ने हिंदू पलायन का मुद्दा भी उठाया। वह जाटों के पास भी इसी मुद्दे को लेकर बार-बार जा रहे हैं। अमित शाह ने जाटों से कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव, 2017 यूपी विधानसभा चुनाव, 2019 लोकसभा चुनाव में आपने पार्टी को भारी मतों से जिताया, बीजेपी और जाटों का रिश्‍ता बड़ा पुराना है। अमित शाह ने कहा कि जाटों ने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और हम भी लड़ रहे हैं। यह हमारा रिश्‍ता है।

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