परिवार को लेकर अखिलेश ने योगी पर साधा निशाना तो भाजपा ने याद दिलाई मुलायम से रार की बात

अखिलेश यादव के ‘परिवार’ वाले तंज पर भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार करते हुए उनको 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले यादव परिवार में हुई कलह को याद दिलाया। 

yogi adityanath and akhilesh yadav
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल)

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी भाजपा के बीच जुबानी हमले तेज होते जा रहे हैं। बांदा में समाजवादी पार्टी की विजय रथ यात्रा की शुरुआत करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा कि केवल परिवार वाला ही परिवार वालों के दर्द को समझ सकता है।

किसानों की आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इन किसानों के परिवार की समाजवादी पार्टी ने मदद की है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा, ”हम परिवार वाले लोग हैं, इसलिए जानते हैं कि अगर किसी मजदूर, किसान की जान चली गई तो उसके परिवार का क्या हाल होगा? परिवार वाले ही परिवार वालों का दर्द समझ सकते हैं, जिनका परिवार नहीं है, वे आपकी परवाह नहीं करेंगे।”

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बांदा में शराब के नशे में एक गरीब को मार दिया गया, लेकिन भाजपा सरकार ने पीड़ित के परिवार की कोई सहायता नहीं की। केवल  सपा के लोग ही उनकी मदद के लिए आगे आए।अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दमदार सरकार चलाने का दावा करने वाले झूठ भी ‘दमदार’ बोलते हैं। 

वहीं, अखिलेश यादव के ‘परिवार’ वाले तंज पर भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार करते हुए उनको 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले यादव परिवार में हुई कलह को याद दिलाया। 

उत्तर प्रदेश भाजपा के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ”अखिलेश भैया, योगीजी के परिवार को लेकर परेशान मत होइए। उनके लिए तो पूरा प्रदेश ही उनका परिवार है। और हां…यूपी की जनता भूली नहीं है कि कैसे आपने सत्ता के लिए अपने ही आदरणीय पिताजी से विश्वासघात करके अपमान किया था।”

इस ट्वीट में एक तरफ परिवार को लेकर अखिलेश यादव के बयान को दिखाया गया है जबकि दूसरी तरफ सपा संरक्षक और अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव का एक बयान है। इसमें मुलायम सिंह यादव कह रहे हैं, ”देश में किसी नेता ने अपने बेटे को मुख्यमंत्री नहीं बनाया, मैंने बनाया। जो अपने बाप का नहीं हुआ वो किसी और का नहीं हो सकता।” मेरी जिंदगी में ये मेरा सबसे बड़ा अपमान था, अखिलेश ने अपने चाचा को ही मंत्री पद से हटा दिया।”

बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच मतभेद खुलकर बाहर आ गए थे, जिसके बाद आखिर में पार्टी की पूरी कमान अखिलेश यादव के हाथों में आ गई और चुनाव के बाद शिवपाल सिंह यादव ने सपा से अलग होकर अपनी पार्टी बना ली थी।

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