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केंद्रीय मंत्री का मौसेरे भाई से मुकाबला

अर्जुन मेघवाल ने 2014 का लोकसभा चुनाव तीन लाख वोटों से ज्यादा के अंतर से जीता था। केंद्र में भाजपा सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया। इससे अर्जुन मेघवाल का कद खासा बढ़ गया। प्रदेश भाजपा में अर्जुन मेघवाल ने अनुसूचित जाति के बड़े नेता के तौर पर अपनी पहचान भी बना ली है।

पीएम मोदी के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल फोटो सोर्स : Indian exprtess

राजस्थान में अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित बीकानेर लोकसभा सीट पर केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल को इस बार अपने ही मौसेरे भाई से रोचक मुकाबला करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने अर्जुन मेघवाल के मुकाबले के लिए आइपीएस रहे उनके मौसी के लड़के मदन गोपाल मेघवाल को मैदान में उतारा है। दोनों के बीच कई समानताएं भी हैं और दोनों पूर्व नौकरशाह रहे हैं। प्रदेश में इस बार दोनों भाइयों के मुकाबले वाली इस सीट पर कड़े संघर्ष के आसार बन गए हैं।  कांग्रेस ने बीकानेर में इस बार आइपीएस से वीआरएस लेकर सियासत के मैदान में उतरे मदन गोपाल मेघवाल को टिकट दिया है।

मदन मेघवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले ही विधायक का चुनाव लडने के लिए वीआरएस लिया था। उस समय उन्हें कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया था। इस बार उन्होंने लोकसभा टिकट के लिए जमकर भागदौड़ की और उसमें उन्हें सफलता मिल गई। इस सीट पर भाजपा के बड़े नेता केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल से उनकी करीबी रिश्तेदारी है, इससे ही दोनों को लेकर कई रोचक बातें भी हैं। अर्जुन मेघवाल भी आइएएस अफसर रहे हैं और 2009 में वीआरएस लेकर सियासत में कूद गए थे। उस समय भाजपा ने उन्हें बीकानेर से टिकट दिया था और सांसद बन गए थे।

अर्जुन मेघवाल ने 2014 का लोकसभा चुनाव तीन लाख वोटों से ज्यादा के अंतर से जीता था। केंद्र में भाजपा सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया। इससे अर्जुन मेघवाल का कद खासा बढ़ गया। प्रदेश भाजपा में अर्जुन मेघवाल ने अनुसूचित जाति के बड़े नेता के तौर पर अपनी पहचान भी बना ली है। अर्जुन मेघवाल को तीसरी बार बीकानेर से टिकट देने को लेकर पार्टी के भीतर तगड़ा विरोध भी हुआ था। उन्हें टिकट देने के विरोध में बीकानेर के दिग्गज भाजपा नेता और पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने भाजपा से इस्तीफा भी दे दिया है। भाटी का कहना था कि अर्जुन मेघवाल सिर्फ मेघवाल वर्ग के लिए ही काम करते हंै जबकि अनुसूचित जाति में मेघवालों के अलावा अन्य जातियां भी हंै। भाटी ने भाजपा नेतृत्व से गुहार लगाई थी कि इस बार बीकानेर से किसी गैर मेघवाल दलित को टिकट दिया जाए। इसके बावजूद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अर्जुन मेघवाल को ही तीसरी दफा बीकानेर से टिकट दिया।

भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर तीसरी बार भरोसा जताया है। बीकानेर की जनता उन्हें संसद में जाने का फिर से मौका देगी। पार्टी में टिकट को लेकर उपजे विरोध पर उन्होंने कहा कि टिकट की दावेदारी करने का सभी को अधिकार है। पार्टी नेतृत्व जिसे टिकट देता है उसके साथ सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर मैदान में जुट जाते हैं। मेघवाल का कहना है कि उनके कार्यकाल में बीकानेर में ऐतिहासिक काम हुए हैं। बीकानेर को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है। इसके साथ ही बीकानेर के ग्रामीण अंचलों बिजली, पानी और सड़कों की समस्याओं का समाधान किया गया है। चुनाव में अपने ही मौसेरे भाई से मुकाबले के बारे में अर्जुन मेघवाल का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। लोकसभा चुनाव विचारधारा पर लड़ा जाएगा।

कांग्रेस से उम्मीदवार बनाए गए मदन गोपाल मेघवाल का कहना है कि उनकी विचारधारा हमेशा से कांग्रेस से जुड़ी हुई रही है। बीकानेर पिछले दस साल से कई मामलों में उपेक्षित ही रहा है। बीकानेर में पीने के पानी और ग्रामीण इलाकों की समस्याएं ज्यो की त्यो है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता इस बार बीकानेर में बदलाव लाएगी। कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट होकर चुनाव मैदान में है और भाजपा में बिखराव के हालात है।

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